प्रगति रिपोर्ट
January 26, 2012भ्रष्टाचार मिटाओ सेना का पूर्वांचल से सफाई अभियान शुरू
January 17, 2012१. यदि मैं जीतने के बाद अपने पद के दुरुपयोग या एक पैसे के भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो मैं स्वेच्छा से विधान सभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दूंगा | यदि ऐसा नहीं किया तो न्यायालय के मदद से सदस्यता रद्द की जा सकती है |
२. मैं भ्रष्टाचार मिटाने के लिए एक मजबूत लोक-आयुक्त बिल पास कराने की पूरी कोशिश करूंगा और यदि ऐसा नहीं किया तो स्वेच्छा से विधान सभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दूंगा | यदि ऐसा नहीं किया तो न्यायालय के मदद से सदस्यता रद्द की जा सकती है |
३. यदि आम जनता की नौकर की तरह बर्ताव नहीं किया या प्रदेश कानून का अक्षरशः पालन नहीं किया तो मैं स्वेच्छा से विधान सभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दूंगा | यदि ऐसा नहीं किया तो न्यायालय के मदद से सदस्यता रद्द की जा सकती है |
सेना के सदस्य तुलनात्मक दृष्टी से सबसे इमानदार प्रत्याशी के प्रचार-प्रसार के साथ उनकी पूरी मदद भी करेंगे |See More
भ्रष्टाचार मिटाओ सेना द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किये गए आन्दोलन में सहयोग करें
January 3, 2012एक और गाँधी – One More Gandhi
November 1, 2011घोषणा पत्र ले लो – Buy Manifesto
October 10, 2011सेवा में –
राजनितिक पार्टियों के नेता एवं मुखिया
जिस तरह से मीडिया ने तमिल के नए मुख्य-मंत्री के घोषणा पत्र का मान-मर्दन किया और मुख्य-मंत्री बनते ही सात वादों को पूरे करने के लिए उनको महिमा मंडित किया उससे लगता है की भविष्य में होने वाले चुनावों में ऐसी घोषणा पत्रों की बाढ़ सी आ जायेगी | हर एक पार्टी आम जनता को लोक-लुभावन वादों से अपने तरफ लाने की कोशिश करेगी और इस तरह से उनमें घोषणा पत्रों को एक दूसरे से ज्यादा लुभावना बनाने की होड़ सी लग जाएगी | इस तरह से घोषणा पत्र बनाने के लिए पार्टियाँ किसी भी स्तर तक जा सकती हैं और घोषणा पत्रों का अकाल सा पड़ सकता है | चूँकि उत्तर प्रदेश में भी २०१२ में चुनाव होना है अतः तमिल के चुनाव से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश में भी सपा, बसपा एवं कांग्रेस के अलावा अन्य राजनीतिक पार्टियाँ भी एक से बढ़कर एक घोषणा पत्र बनाने की कोशिश करेंगी | अतः इनको एक बढ़िया और उत्तम गुणवत्ता का कोई बना बनाया घोषणा पत्र मिल जाय तो उसे वे अवश्य खरीदना चाहेंगी | इस बात को मद्दे नजर रखते हुए हमने एक ऐसी घोषणा पत्र का इजाद किया है जैसा की न आज तक किसी ने बनाया है और न ही भविष्य में कोई बना पायेगा | यह एक बेजोड़ एवं सर्वोत्तम घोषणा पत्र होगा और मैं इसे उस पार्टी को बेचना चाहूँगा जो की मुझे एक अच्छी रकम दे सके | इसलिए इसका मैं कापी राईट भी करा रहा हूँ ताकि इसका कोई भी अंश कोई कापी न कर सके, और यदि कोई कापी करे तो मैं उसके खिलाफ मुकद्दमा कर पैसे वसूल सकूं |
१. किसी परिवार की सालाना आय यदि रुपये २ लाख या उससे कम है तो उनके लिए घोषणा (इसका नामकरण अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)
१. किसी भी लड़की की शादी के लिए रुपये एक लाख दहेज़, रुपये एक लाख शादी में खर्च और छः तोला सोना विदाई के लिए मुफ्त |
२. एक लखटकिया कार (इसके लिए टाटा ग्रुप से डील कर सकते हैं ) और प्रति माह २० लीटर पेट्रोल मुफ्त |
३. २० किलो चावल, २० किलो आटा, १० किलो दाल, ५ किलो सब्जी, ३ किलो तेल, २ किलो घी, १ किलो मीट, २५० ग्राम गरम मसला और खाने-पीने का अन्य सामान खरीदने के लिए रुपये २००० मुफ्त |
४. इंधन के लिए २ भरी हुयी सिलिंडर गैस मुफ्त |
५. बिजली-पानी मुफ्त और बिजली न रहने की अवस्था में निर्बाध सेवा के लिए ३० के.वी.ए. का एक इनवर्टर मुफ्त |
६. टी.वी., फ्रीज़ एवं अन्य साधन के साथ ३-बेडरूम का एक फ़्लैट मुफ्त
२. ५-हेक्टेयर या इससे कम भूमि की मालिकाना हक़ वाले किसानों के लिए घोषणा (इसका नामकरण अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)
१. सारा सरकारी एवं प्राईवेट कर्ज माफ़ | प्राईवेट कर्ज देने वाले सरकार बनने पर कर्ज का धन वसूली के वास्ते सरकार से संपर्क करें |
२. नलकूप लगाने के लिए रुपये ५०,००० एवं बिजली मुफ्त |
३. बिजली न रहने पर निर्बाध सेवा के लिए ५० के.वी.ए. का जनरेटर एवं प्रतिमाह २० लीटर डीजल मुफ्त |
४. खेत की जोताई, बोवाई, खाद-बीज एवं अन्य खर्च के लिए प्रति माह रुपये २,००० मुफ्त |
५. भूमि अधिग्रहण के मामले में भूमि देने वाले किसानों का संगठन बनाकर उनकी सारी मांगो को पूरा करने के बाद अधिग्रहण |
३. बेरोजगार नौजवानों के लिए घोषणा (इसका नामकरण अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)
१. मनरेगा को और आगे बढ़ाकर घर बैठे हर बेरोजगारों को प्रति माह रुपये १०,००० मुफ्त | इसके लिए काम करने की कोई जरूरत नहीं और यह हमेशा मिलता रहेगा | यदि मनरेगा के तहत कोई काम करता है तो उसे रुपये ५०० प्रतिदिन अतिरिक्त | यह काम साल में ९ महीने देने का वादा |
२. एक मोटर साईकिल और प्रतिमाह १० लीटर पेट्रोल मुफ्त |
४. किसी भी वर्ग के हर छात्रों के लिए घोषणा (इसका नामकरण अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)
१. यदि कक्षा १० तक के बच्चे स्कूल आयें या न आयें, सबके लिए प्रति माह रुपये २००० की छात्रवृत्ति (बहुत सारे स्कूलों में फर्जी, यहाँ तक की विदेशों में रहने वाले, बच्चों के ऊपर भी छात्रवृत्ति निकाला जा रहा है और यह सबको पता है ) मुफ्त |
२. कक्षा १० तक के बच्चे स्कूल आयें या न आयें, सबके लिए प्रति माह अतिरिक्त रुपये ५०० मिड-दे मील के लिए मुफ्त |
३. कक्षा १० से ऊपर के बच्चे स्कूल आयें या न आयें, प्रति माह रुपये ५००० की छात्रवृत्ति एवं एक अच्छी गुणवत्ता वाली एवं हर सुविधाओं से लैश लैपटॉप |
४. लैपटॉप चलाने तथा यू.पी.एस., बिजली और इन्टरनेट की व्यवस्था करने के लिए प्रति माह रुपये २,००० मुफ्त |
५. सरकारी कर्मचारियों एवं घूसखोरों के लिए वृहद योजना (इसका नामकरण अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)
१. रुपये ५ लाख या इससे नीचे के आय वाले कर्मचारियों के लिए हर साल रुपये ६०,००० बोनस मुफ्त |
२. रिश्वत के लेन-देन को कानूनी वैधता प्रदान करना ( वैसे भी कागज पर न सही, वैधत तो प्रदान है ही ) | इससे लोगों को पैसे के बल पर जल्द से जल्द काम के निपटारे में सहूलियत होगी और पैसे खर्च कर जल्द से जल्द न्याय भी पाया जा सकता है |
३. आय से अधिक सम्पति कमाने वालों को पद्मश्री | यह पद्मश्री उन्हें उदहारण प्रस्तुत कर एक समृद्धशाली व्यक्ति बनने के लिए ताकि दूसरे भी उनका अनुसरण कर भारत को जल्द से जल्द एक समृद्धशाली देश बनाने में योगदान करें |
४. कमिसनखोरी को कानूनी वैधता प्रदान करना | इससे सरकारी नौकर जैसे मंत्री से लेकर संत्री तक और जन-प्रतिनिधि मनोयोग से काम करना शुरू कर देंगे | आज किसी भी तरह के विकास कार्य के लिए प्रदत्त धन का १०% ही धरातल पर लग रहा है और ९०% कमिसन में वितरित हो जा रहा है | अतः विकाश के लिए १०००% धन अवमुक्त करना ताकि ९०% कमिसन वितरण के बाद १००% धरातल पर लग सके |
६. अन्य घोषणाएं (इसका नामकरण अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)
१. हर तरह की पेंशन (वृद्धा, विधवा इत्यादि ) को बढ़ाकर प्रति माह रुपये १०,००० तक मुफ्त |
२. हर तरह की सहायता राशि (विकलांग, गरीबी इत्यादि ) को बढ़ाकर प्रति माह रुपये १०,००० तक मुफ्त |
३. वोट डालने के लिए आम जनता को प्रति वोट रुपये १०,००० का बोनस मुफ्त |
४. किसी भी चुनाव के प्रत्याशियों को को रुपये ५० करोड़ तक खर्च करने की खुली छुट |
५. ५ साल में प्रदेश को अमेरिका जैसा विकशित करना |
घोषणायें पूरी हो या न हो उसके बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है | जिस तरह से तमिल की मुख्य-मंत्री ने सोच रखा है वैसा ही किया जा सकता है | हो सकता है की अपनी पार्टी की भ्रष्ट नेताओं की विदेशी बैंको में जमा धन या भारत में जमा अकूत सम्पति को दान के रूप में राज्य के खजाने में जमा करने का गुप्त समझौता हुआ हो | वैसे भी जब आज की जनता में नैतिकता नहीं रह गया है तो नेताओं को नैतिक बनकर उदहारण प्रस्तुत करने की क्या जरूरत है? यदि कुछ ईमानदार लोग जैसे बाबा रामदेव या अन्ना जी हो-हल्ला मचाएं तो पार्टी में से उनसे ज्यादा हो-हल्ला मचाने वालों को आगे कर उनकी आवाजों को दबा सकते हैं | वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय ले सकते हैं तथा पहले एक-दो महीने में कुछ वादा भी पूरा कर सकते हैं | छह महीने बाद जनता अपने आप सब कुछ भूल जाएगी और फिर किसको फालतू का समय है इन वादाओं के बारे में पूछने का | हमें आशा है की इन वादाओं से जनता जरूर आपके पार्टी के मुखिया को मुख्य मंत्री बनाने का मौका अवश्य देगी | अब मुख्य-मंत्री कौन जनता का नौकर बनने के लिए बनता है ? यह तो रुतबा, लूटने और राजा-महाराजाओं की तरह जीवन यापन करने का एक साधन सा बन गया है | अतः पांच साल में जितना हो सके प्रदेश को चूसकर निकल लेना है | भारत में प्रभावशाली, रसूखदार या भ्रष्ट लोगों के खिलाफ निष्पक्ष एवं इमानदारी पूर्वक जांच के लिए कोई ऐसी संस्था नहीं है जिससे डरने की जरूरत है, और वैसे भी नेताओं के लिए भारत में अलग कानून या प्रोटोकॉल लगता है | अतः आज तक उनका कोई कुछ बिगाड़ सका है की डरें | यदि कोई विपक्षी पार्टी विद्वेष-वश जाँच का दर दिखाती भी है तो कोर्ट है न | सुप्रीम कोर्ट तक जाते-जाते क्या पता आप जीवित रहें या न रहें | हाँ यदि आप दूसरी पारी में भी मुख्य मंत्री बनना चाहते हैं तो कुछ करना पड़ सकता है | ऐसे में आप प्रदेश के संसाधनों को गिरवी रखने के लिए वर्ल्ड बैंक को संपर्क कर सकते हैं नहीं तो अमेरिका या चाईना तो मदद के लिए है ही |
नोट: उपर्युक्त घोषणायें हर वर्ग के लोगों को खुश करने के लिए है ताकि जनता आपको दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने का मौका दे सके | यदि उत्तर प्रदेश की जातिवादी/छद्म धर्मवादी पार्टियाँ जाति या धर्म के आधार पर लोगों को बाँट कर राज करना चाहती हैं तो इसमें उसी अनुसार संशोधन किया जा सकता है |
भ्रष्टाचार मिटाना है, सबको सुखी बनाना है
September 1, 2011मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार,
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है | कोई भी सरकारी काम घूस के बिना नहीं होता | गरीबों के लिए सरकारी कार्यक्रम का लाभ घूस के बल पर अपात्र उठा रहे हैं | पुलिस को पैसा खिलाकर अपराधी जेल के बाहर ऐश कर रहे हैं | दलाल, जन-प्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी विकाश के धन का लूट खसोट एवं बन्दर-बाँट करके धन का कुछ ही हिस्सा धरातल पर लगा रहे हैं | अपराध चाहे वह मिलावट, विद्युत् चोरी, धोखा-धडी, घोटाला, दलाली, जालसाजी या प्रतिदिन का छोटा-मोटा ही क्यों न हो, सबका जड़ भ्रष्टाचार है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के तरफ से कोई ऐसा कदम नहीं उठाया गया जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके | उल्टे यह सुनने को मिलता है की दूसरे जगह भ्रष्टाचार है लेकिन उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार तो है ही नहीं| जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को शिकायत देने पर भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती है और जांच के नाम पर लीपा-पोती की जाती है | मेरी पुस्तक, ‘उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में कैसे बदलें’ के आधार पर बिहार एवं अन्य दूसरे राज्य कार्य कर सकते हैं तो इसे उत्तर प्रदेश में अपनाने में क्या समस्या है? यह तो उत्तर प्रदेश के लिए ही है | इसे हिंदी में रूपांतरित, प्रचारित एवं इस पर कार्यान्वित कर उत्तर प्रदेश में बदलाव लाया जा सकता है |
आपको उत्तर प्रदेश की जनता ने कुछ अलग दिखाने का मौका दिया था लेकिन दुःख की बात है की इसका सदुपयोग नहीं हो सका | दबे-कुचलों को विशिष्ट व्यक्ति का पहचान पत्र नहीं दिया गया जिसके माध्यम से जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान एवं मंत्री उन्हें सलामी देकर उचित आदर एवं प्राथमिकता के साथ उनकी व्यक्तिगत समस्याओं का निपटारा करते | इससे सामाजिक न्याय दिलाने में एक क्रांति आती एवं वर्षों से दबे-कुचले लोग भी अपने को सम्मानित महसूस करते | अभी भी समय है | हम चाहते हैं की विधान-सभा में भ्रष्टाचार को मुख्य मुद्दा बनाकर उचित कार्यवाही की जाय ताकि भ्रष्टाचारी लूट-खसोट करने से डरें एवं विकाश के साथ गरीबों में सुख का अनुभूति हो | यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनता आज नहीं तो कल जरूर जागरूक होगी और जाति, धर्मं एवं सम्प्रदाय से ऊपर उठकर सेवा की जगह मेवा खाने वालों को उनका सही जगह जरूर दिखाएगी | सरकारी नौकरों जैसे जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान, सचिव, मंत्री इत्यादि की मानसिकता अभी भी अंग्रेजी हुक्मरानों जैसी ही है और वे अपने को जनता का सेवक न समझकर हाकिम की तरह ही व्यवहार कर रहे हैं | हमें आपसे एक ऐसे सरकार की अपेक्षा थी जो इस मानसिकता को बदले लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हो सका | इसीलिये लोग विधायक, सांसद, जिलाधिकारी या पुलिस कप्तान बनने के लिए लालायीत रहते हैं और पद मिलने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं |
हमें आशा है की हमारी नयी पीढ़ी अपने अधिकारों को समझेगी और ऐसी मानसिकता वाले लोगों को अपना सेवक बनाने का मौक़ा कभी नहीं देगी और हमें उम्मीद है एक दिन हमारा सपना, ‘भ्रष्टाचार मिटाना है, सबको सुखी बनाना है’ अवश्य साकार होगा |
अन्नाजी को मेरे कुछ सुझाव – To Annaji
August 1, 2011हमारे देश की ऐसी व्यवस्था है की सरकार बनाने वाली राजनीतिक पार्टियों को एक ऐसी हैसीयत मिल जाती है की उनके लोगों के लिए नियम-कानून कोई मायने नहीं रखता और इसके अलावा इन्हें सामंती युग की शासकों की तरह ऐशो-आराम का हर एक साधन भी मिल जाता है | अतः किसी भी सरकार में रहना या सरकार बनाना किसी के लिए भी सपना साकार होना जैसा है क्योंकि हमारे देश की त्रुटी-पूर्ण प्रजा-तन्त्र में ऐसे लोगों को उनकी गलत करनी के लिए सजा दिला पाना लगभग असंभव है | ऐसे में हर एक पार्टी चाहती है की ऐसे जिताऊ लोगों को अपने पास रखा जाय जो जीतकर सरकार बनाने में मदद करें | चूँकि राजनितिक पार्टी चलाने या चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए बहुत सारे पैसों की जरूरत होती है अतः यह कोई अपनी मेहनत से अर्जित की हुई कमाई से नहीं कर सकता | जहाँ तक चंदा देने का सवाल है तो कोई भी ईमानदार आदमी जो मेहनत से पैसा कमाया है, वह कतई भी चन्दा देना नहीं चाहेगा | अतः राजनीतिक पार्टियों को वही लोग ढेर-सारा चंदा देते हैं जो की भ्रष्ट कार्यों के माध्यम से उससे ज्यादा कमाने की सोच रखते हों और उन्हें एक वरद-हस्त की आवश्यकता हो | आज कोई भी राजनीतिक पार्टी कोई बड़ी जन-सभा करती है तो उसे करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं| इतना पैसा कहाँ से आता है ? या तो भ्रष्ट लोग इसे प्रायोजित करते हैं या सरकार में मंत्री रहे लोग अवैध तरीके से कमाए हुए पैसे को लगाते हैं | अतः ये लोग सरकार बनने के बाद फिर भ्रष्ट तरीके से पैसे कमाने में लग जाते हैं और अपने सहयोगियों को भ्रष्टाचार करने की खुली छुट दे देते हैं | चूँकि कानून के रखवालों को इनके तहत काम करना होता है अतः उन्हें देश के लूटेरों के खिलाफ कुछ करने नहीं देते हैं | यदि कुछ इस तरह का नियम-कानून बन जाता की सरकार में काम करने वाले हर किसी को आम जनता का एक नौकर बनकर रहना पड़ता और किस भी तरह के शानो-शौकत का कोई भी साधन मुहैय्या नहीं कराया जाता तथा इसके साथ ही कोई भी नियम-कानून पहले इनके ऊपर लागू होता और इनके बचने का कोई विकल्प नहीं रहता तो राजनीतक पार्टिओं में येन-केन प्रकारेण चुनाव जीतकर सरकार बनाने की लालसा कम होती और इस तरह से इमानदार और जनता के प्रति समर्पित लोग ही राजनीतिक पार्टियों में शामिल होते | लेकिन भारत में ऐसा नहीं है | यदि आपका जन लोक-पाल बिल पास हो जाये तो सरकार बनाने वाले पार्टियों के आधे से ज्यादा मंत्री और नेता जेल के अन्दर होंगे, अतः वे क्यों ऐसे बिल को पास कराएँगे ? इसके अलावा इन नेताओं को अवैध तरीके से पैसा कमाने में दिक्कत होने लगेगी अतः उन्हें फिर से जीतकर सरकार बनाने में अड़चन आएगी | अतः ऐसे लोग क्यों चाहेंगे की वे ऐसे बिल को पास करा कर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारें |
हम जोर जबरदस्ती से कोई भी कानून तब तकपास नहीं करा सकते जब तक की हमारे संसद सदस्य खुद न चाहें | अतः इस त्रुटी-पूर्ण लोक-तन्त्र को बदलने के लिए जरूरी है है संसद में आप जैसी सोच वाले लोग जाएँ और इसके लिए जरूरी है की आप जैसे लोग चुनाव लड़ें | अतः आपको मेरा सुझाव है की आप एक राजनीतिक पार्टी बनाकर ऐसे लोगों को एक छतरी के नीचें लायें जो देश के लिए जीना चाहते हों | इसमे शीघ्र कामयाबी नहीं मिलेगी और बहुत समय भी संगठन को तैयार करने में लग सकता है लेकिन यदि आप एक मज़बूत नीवं डाल दें तो मेरा पूरा भरोसा है की हमारी नयी पीढ़ी इसे अवश्य आगे बढ़ाएगी | आप चाहें तो हमारी भ्रष्टाचार मिटाओ सेना से सम्बद्ध होकर जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ सकते हैं | सेना उन लोगों के लिए लड़ाई लड़ रही जो रोज़-मर्रा की चीजों और अपने हक़ को पाने के लिए भ्रष्टाचार से रोज़ दो-चार होते हैं | इससे दो फायदे होंगें – एक की हमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई सतत जारी रहेगी और दूसरी की आम जनता के लिए काम करने से हमारी इनमें पकड़ बढ़ेगी और यह चुनाव के समय काम आएगी | सेना अभी पूर्वी उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक निदेशक और जिले के प्रत्येक ब्लाक में एक संयोजक नियुक्ति कर रही है | निदेशक एवं संयोजक का कार्य ईमानदार लोगों को सेना में लाना और जो भी टूटे-फूटे नियम कानून हैं उनके सहारे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है | भ्रष्टाचार मिटाओ सेना आम जनता को निम्न सेवा मुफ्त में प्रदान करती है –
१. यदि कोई लोक-सेवक (जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान, मंत्री, जन-प्रतिनिधि या कोई भी सरकारी नौकर) समय पर किसी का काम नहीं करता है या रिश्वत की मांग करता है तो उस पर मुकद्दमा करने के लिए इसकी शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’ के वकील से करें |
२. यदि किसी लोक-सेवक की संपत्ति उसकी ज्ञात स्रोतों की आय से अधिक है तो उस पर मुकद्दमा करने के लिए इसकी शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’ के वकील से करें |
३. यदि कोई लोक-सेवक किसी विकाश कार्य में लूट-खसोट करता है या किसी घपले-घोटाले में लिप्त है तो उस पर मुकद्दमा करने के लिए इसकी शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’ के वकील से करें |
४. यदि कोई लोक-सेवक किसी सरकारी योजना का लाभ असली लाभार्थी को न देकर किसी अन्य को देता है तो उस पर मुकद्दमा करने के लिए इसकी शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’ के वकील से करें |
आशा है की आप हमारे सुझावों पर अवश्य ध्यान देंगें |
Part of My Lecture Delivered on 4th June 2011 at Fremont Hindu Temple – On Occasion of our Support to Baba Ramdev’s Satyagrah
July 1, 2011Namaskaar. I am Vinaya. I am president of Bhrashtachar Mitao Sena. Bhrashtachar Mitao Sena is unincorporated and non-profit organization registered inCalifornia. I would like to let you know the story behind formation of this organization. I started working against corruption since 2005 when I found that government is spending so much money for development and uplifting of poor but nothing is visible on ground. Where the money is going?Indiais shining on paper but I realized that it’s not in reality. Populations of poor are increasing. I started my research work on this topic in 2005 and in this process I visited many districts of eastern UP and contacted villagers, officials and politicians. Based on research, I found three issues which are not making things visible:
- 80-85% of the government employees have paid bribe to get a positing/job in government service and remaining have also paid someway or other for their promotions or valuable postings. At least 85% government employees don’t hesitate to take bribe and do the immoral work. They always look for an opportunity and ready to grab benefits of others.
- The investigation agencies are also form from same group of people and they are ready to cover-up the cases for the sake of money.
- The MLAs and MPs have spent Karores of rupees to win the elections. They say they haven’t spent Karores of rupees to just become the public servant. They spent it to get status and earn money. Since they can’t recover it from mere salary, so they have to recover it somehow and thus they indulge into corrupt practices. Since they control the investigation agencies, they suppress investigations against corrupt elements and making everyone corrupt.
So what can we do now? Can we do anything against corruption? I invited many of my friends and educated persons for a debate on how a common man like me can contribute to control the corruption. There were lot of ideas presented but I decided to take and work on below ideas:
- Since government servants are protected with laws, we need to amend law to revoke the protection such that any investigation can start against them without any interference of their bosses.
- Make new law to create a Block, Tehasil and District Level Lok-Pals which will not be under the control of government and have authority to investigate independently and deliver the judgment in a specified time period. This will help people to have easy access to report against corruption.
- Do nothing. Until government servants are honest, nothing can work against corruption. Corrupts can reach to any kind of institutions and make them corrupt until people work for the institution will drop the greed for the money.
I liked first two ideas as a tool for honest citizen to fight against the corruption but they are not viable since I didn’t have capability to influence our corrupt Lok-Sevaks, politicians and representatives to amend laws, and also I don’t have charismas so that I could be able to form government with 2/3 majority to make and enact laws. The third idea was to not to do anything, but I didn’t want to do nothing and seeing country looted. So I formed Bhrashtachar Mitao Sena with objective to sue each and every person involved in corrupt practices and try to bring them to law. Sena has appointed directors in ten districts of eastern Uttar Pradesh and conveners for every block of each district. We have also appointed attorneys for every district and provided the name and numbers of officials of Sena in hoardings at block level for the help of people to reach us easily. Conveners will watch the corruption under their blocks and Sena’s members will help people to reach us for taking care of their grievances. Sena will fight for them free of cost.
You are welcome to join the Sena and can support in whatever form you can. You can join as Board of Directors and adopt a district to Sena to grow. You can also help us with donations to support our activities.
Can we defeat corrupts – क्या हम रावण की सेना को हरा सकेंगे?
June 10, 2011सेवा में बाबा रामदेव एवं अन्ना हजारे जी,
भ्रष्टाचार ही हर अपराध की जननी है और यदि भ्रष्टाचार रोकने के लिए कोई भी कदम उठाया जाता है तो इससे करोड़ों लोगों का भला होगा | आज भ्रष्ट लोग अकूत सम्पति की वजह से पूरे देश को नियंत्रित किये हुए हैं और देश के लोगों की सेवा के वजाय इस पर ब्रिटिश एवं सामंती युग की शासकों की तरह राज कर विलासिता का जीवन यापन कर रहे हैं | आज इनकी राज करने एवं विलासिता की जीवन जीने की ऐसी लत पड़ गयी है की वो बुरा भला में अंतर करना भूल गए हैं | भारत में भ्रष्टाचारियों (रावण) की सेना बहुत ही शक्तिशाली है और सरकारी मशीनरी भी उनके साथ है अतः इनको हराना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है| मैं एक आम आदमी की तरह छह सालों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूँ लेकिन आज मैं अपने को वहीं खड़ा पाता हूँ जहाँ छह साल पहले था | सरकारी नौकरी में अधिकतर लोग घूस देकर भर्ती हुए हैं अतः उनमें थोड़ी भी नैतिकता नहीं है और हमेशा देश एवं लोगों को लूटने के चक्कर में लगे रहते हैं | जांच एजेंसी भी इन्ही भ्रष्ट लोगों से भरी पड़ी है अतः वहां लोग पैसे खाकर लीपा-पोती कर देते हैं | जन-प्रतिनिधि चुनाव जीतने के लिए इतने पैसे खर्च कर दिए हैं की वे पैसे निकालने के लिए भ्रष्ट कार्यों में लिप्त हैं और हर एक को भ्रष्ट बनाने में लगे हुए हैं | आज ऐसा कोई एक भी जन प्रतिनिधि दिखाई नहीं देता जो अपने कर्मों के माध्यम से एक उदहारण प्रस्तुत कर लोगों को नैतिकता के पथ पर ले जाय |
मुझे आप लोगों में आशा की एक किरण दिखाई देती है | आप लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो अलख जगाई है वह अब शांत होने वाला नहीं है | अब राम की सेना बनने लगी है और रावण की सेना से एक-एक हाथ करने के लिए तैयार है | हो सकता है की अभी राम की सेना की ताकत उतनी नहीं है जितनी की रावण की सेना की है, लेकिन यह आज नहीं तो कल अवश्य रावण की सेना से भी बलवान होगी और हम रावण (भ्रष्टाचार) पर विजय पाने में कामयाब होंगे | हम नहीं चाहते की आप लोगों की जान इस लड़ाई में जाय क्योंकि इस लड़ाई को जीतने के लिए आप लोगों का रहना बहुत ही जरूरी है | बहुत से लोग इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए आगे आयेंगे और इस धार को कुंद नहीं होने देंगे | भारत की आम जनता की भलाई के लिए इस दूसरी आज़ादी की लड़ाई में आप लोगों द्वारा अपने जीवन को न्यौछावर करने के प्रण ने हमारे जैसे अनके लोगों को भी अपने जान की बाज़ी लगाने के लिए प्रेरित किया है और मौका मिला तो भ्रष्टाचार मिटाओ सेना इससे कभी पीछे नहीं हटेगी |
पूर्ण विवरण के लिए मेरी किताब, उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में कैसे बदलें , पढ़ें |
भ्रष्टाचार मिटाओ सेना से भ्रष्टाचारियों के खिलाफ शिकायत के लिए नीचे क्लिक करें -








