मेरी भारत यात्रा – एक रिपोर्ट – My Visit to India – A Report

उत्तर प्रदेश से भ्रष्टाचार मिटाने के ऊपर काम शुरू करने के लिए मैं हाल ही में भारत की यात्रा पर था | इस यात्रा  के दौरान भ्रष्टाचार  निवारण   के लिए मैंने सतही धरातल पर कुछ कार्यों  का शुभारम्भ  किया और इसके ऊपर बहुत सारे आंकड़े भी एकत्रित किया | इस यात्रा के दौरान एकत्र किये हुए आंकड़ों के आधार पर  जब मैं उत्तर प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार के ऊपर रिपोर्ट तैयार करने लगा तो हमने पाया की जिन भी तथ्यों का उल्लेख इस पुस्तक के अध्याय-५ (https://vinay1340.wordpress.com/corruption-by-dr-vinaya-k-singh/) में किया गया है, उसमे और मेरे नए रिपोर्ट में कोई अंतर नहीं है, और इसमें कुछ जोड़ने की भी जरूरत नहीं है |   भ्रष्ट-तंत्र को बदलने या  भ्रष्टाचारियों  के खिलाफ कोई कदम उठाने के लिए कहीं भी कुछ भी नहीं हो रहा है | हमने प्राधिकारी वर्ग से ढेर सारी शिकायतें भी उनके नाक के नीचे हो रहे भ्रष्टाचार  के खिलाफ की, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ | भ्रष्ट-तंत्र इतना मजबूत है की उनके खिलाफ कुछ करना लगभग नामुमकिन है |  हर कोई यह जानता है की लगभग सभी सरकारी नौकर जनता का कोई भी काम करने तथा संवैधानिक दायित्वों  के पालन के लिए खुले तौर पर रिश्वत ले रहे हैं और उनके खिलाफ कोई सबूत प्रस्तुत करने लिए ऐसा कोई रास्ता नहीं मिलता जिससे की उन्हें कानून के दायरे में लाकर सजा दिलायी जा सके |  रिश्वतखोर इतने चतुर हैं की अपने खिलाफ कागज पर कुछ भी नहीं छोडते | अब ग्राम-प्रधान का पद भी लूट-खसोट के लिए  इतना आकर्षित हो गया है की मैंने जितने भी उन भावी उमीदवारों से बात की वे सभी अपनी जीत सुनिश्चित  करने के लिए लगभग १०-२० लाख रुपये खर्च करने के लिए तैयार बैठे हैं |  वे इस बात को अच्छी तरह जानते हैं सरकार विकाश के नाम पर लूटने के लिए बहूत सारे मौके  देगी ताकि लूट के पैसे को नीचे से ऊपर तक बाँट कर बिना किसी बाधा के एक विलासितापूर्ण जिंदगी जिया जा सके |  मैंने उत्तर प्रदेश के लोक-सेवकों ( जिलाधिकारी,  पुलिस कप्तान, मंत्री, संसद सदस्य, विधायक, नेता इत्यादि) में भी  भ्रष्टाचार   एवं भ्रष्ट-तंत्र के खिलाफ काम करने के लिए कोई जोश-खरोश, प्रेरणा या उनके अन्दर आग  नहीं देखा, और वे इसे सरकारी काम-काज का हिस्सा मान चुके हैं | बहुत  सारे अधिकारियों ने उनसे मेरी मुलाकात के दौरान बताया की  रिश्वत लेना या देना कोई बुरी बात नहीं है और इससे किसी को सहूलियत मिल रही है हो आप भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के लोग इसमें उंगली क्यों कर रहे हो? इस कहानी का दुखद पहलू यह है की भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे इन सरकारी नौकरों के खिलाफ कुछ भी नहीं हो पा रहा है क्योंकि इस अपराध में जिले से लेकर राज्य स्तर तक के बहुत सारे रसूख वाले  लोक-सेवक शामिल हैं |  मैं सरकार से ऐसे लोक-सेवकों की नियुक्ति का उम्मीद करता हूँ  जो वास्तव में ईमानदार, जबाबदेह एवं अपने दायित्वों के प्रति समर्पित हों, और इसके साथ ही कम-से-कम आम जनता की निम्न दुखड़ों पर तत्परता से काम करें |

१.        आम जनता को कोई भी ऐसा सरकारी कार्य कराने के लिए सरकारी नौकरों को कुछ भी न देना पड़े, जिसके लिए वे  कानूनी तौर पर हकदार या किसी सरकारी योजना का पात्र /लाभार्थी हैं | 

2.  आम जनता की किसी भी निवेदन या शिकायत का निपटारा एक समय सीमा  के अन्दर कर दिया जाय और उसे बिना मतलब का सरकारी कार्यालयों का चक्कर न लगाने दिया जाय | 

I recently visited India to start my work on removal of corruption from UP. I did some ground work and collected data on corruption. When I started writing my report on corruption for this visit to India, I found that the facts mentioned at https://vinay1340.wordpress.com/corruption-by-dr-vinaya-k-singh/ are the same as my report and there is nothing to add. Nothing is working against corrupt practices and corrupt officials. I made many complaints to authorities but of no use. The corrupt system is so strong that it’s almost impossible to work against it. Everyone knows that almost all government officials are taking bribe openly to make them performing their duties and there is no way we can provide any proof which can bring them to law. They are so clever that we can’t find anything on paper. Now the post of Gram-Pradhan has become so alluring that many of people I met, planning to contest and spend 10-20 lakhs to win. This is only because they know, there is lot of opportunities to loot the money poured for development. I also didn’t find any motivation in our lok-sevaks (DMs, SPs, Ministers, MLAs, MPs, and Politicians etc.) of UP to work against the corrupt system and they have almost accepted it as the part of the government functioning. The sad part of this story is that nothing happens to these corrupt people due to involvement of most of the District and State level Lok-Sevaks in this crime. I am really looking for honest, dedicated and accountable lok-sevaks in UP who can at least work on below causes of general public of UP: 

  1. Make sure that we don’t need to pay anything to government officials for getting the benefit legally entitled to us and
  2. Make sure that the work/complaint of an individual can be addressed within the given time frame. No need to make many rounds of offices. 
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2 Responses to “मेरी भारत यात्रा – एक रिपोर्ट – My Visit to India – A Report”

  1. Nirmal Kumar Says:

    Vinay you are depressed as each Human Being in this world not only the Political parties and government are a system to loot the common men but clever people also formed religion to loot people and these clever people know that only truth is to loot the world and live leisurely instead of doing some fruitfull to this world allof these people are knowing about each other and only discuss things which do harm themselves or their mausere brothers

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