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उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक को खुली चिट्ठी – Director General of Police, Uttar Pradesh

November 1, 2010

मैं मार्च-२०१० में भ्रष्टाचार मिटाओ सेना  की उत्तर प्रदेश की बलिया टीम की मदद एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने के लिए अपने इस पैतृक जिले का दौरा किया | वहाँ पहुँचने पर मेरे टीम के सदस्यों ने बताया की मेरे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने की वज़ह से बहुत सारे असामाजिक तत्व मेरे खिलाफ हैं और मुझे जितना दिन ठहराना है उतने दिन के लिए सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था कर लेनी चाहिए | इस सूचना के बाद मैं बलिया के पुलिस कप्तान के कार्यालय गया और उस समय के बलिया के पुलिस कप्तान, शेखर,  से मिलकर उन्हें सारे तथ्यों से अवगत कराया तथा उन्हें बताया की मैं भारत देश के नियम-कानून का अक्षरशः पालन करता हूँ और उनसे लिखित  में अनुरोध भी किया की मेरे लिए  सुरक्षा कवच मुहैय्या करा दें | लेकिन मेरे आवेदन पत्र पर गौर नहीं किया गया और सुरक्षा कवच मुहैय्या करने के वजाय पुलिस कप्तान ने मुझसे कहा की आप समनांतर सरकार चलाने में लिप्त मत  होवें  वरना आपके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है उन्होंने मुझे यह भी सुझाव दिया की यहाँ पर बहुत सारी सरकारी संस्थाएं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए है तो आप इसके लिए क्यों जहमत उठा रहे हैं? मुझे नहीं मालूम की पुलिस कप्तान भ्रष्टाचार में लिप्त हैं की नहीं लेकिन उनकी यह कृति वास्तव में मेरे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़े हुए जंग तथा उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए किये जा रहे सामाजिक कार्य को  हतोत्साहित  करने वाला था और इसके साथ ही यह मेरे २० साल के कैरियर का प्रथम भयानक अनुभव था |  चूँकि मेरा  जीवन खतरे में था इसलिए मैंने अपने लिए निजी तौर पर सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था  किया और भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ लड़ा अगर आप इस घटना के बारे में पूछताछ कर पुलिस कप्तान के गैर जिम्मेदाराना हरकत के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं तो आपके इस कदम का मैं सराहन करूंगा |

 

बलिया में विभिन्न सार्वजनिक बैठकों एवं जन-संपर्क कार्यक्रमों के मार्फत मुझे पता चला की आपके पुलिस विभाग के कर्मचारी किसी भी तरह का शिकायत लिखने या अनापत्ति पत्र बनाने के लिए भारी मात्रा में घूस  के माध्यम से पैसा एकत्रित  करते हैं और इसे ऊपर से नीचे  तक बाँटते हैं ताकि उनपर कोई आंच न आये | उदहारण के तौर पर पासपोर्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र बनवाना हो, एफ. आई. आर. लिखवाना हो, किसी भी तरह का अनुज्ञा पत्र लेना हो या किसी भी छोटे से छोटे शिकायत पर कार्य करवाना हो, बिना घूस दिए आपके पुलिस अधिकारी जागते नहीं | यह आपके ही नहीं, बल्कि  बाकि सारे सरकारी कार्यालयों में भी होता है | इसके लिए बहुत सारे सबूत मैं प्रस्तुत कर सकता हूँ और इस प्रथा को रोकने ने के लिए मैंने बहुत सारे पत्र सम्बंधित लोक-सेवकों को दिए लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हुई | आप वेश बदलकर किसी कार्यालय में जाईये और बिना अपना परिचय दिए कोई काम कराने की कोशिस कीजिये, आप को आटे-दाल का  भाव मालूम हो जायेगा |  जिस दिन किसी आम जनता की शिकायतों पर बिना घूस लिए समयावधि में कार्य होने लगेगा उसदिन से मेरा उत्तर प्रदेश के लिए देखा हुआ सपना साकार होने लगेगा हमने कई बार बलिया के विभिन्न जिलाधिकारियों  एवं पुलिस कप्तानों को पत्र के माध्यम से अनुरोध भी किया की आप अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को सीधा सन्देश भेजें की जनता के किसी भी वैध कार्य का निस्तारण करने के लिए घूस न मांगे नहीं तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी, लेकिन मैंने इस दिशा में कोई उन्नति अभी तक नहीं देखा इसके अलावा मेरे टीम के बहुत सारे सदस्यों ने मुझे बताया की वे जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान, उप-जिलाधिकारी, विकाश अधिकारी, बैंक प्रबंधक, जन-प्रतिनिधि और दूसरे प्रभावशाली व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त होने की शिकायत करने से डरते हैं, क्यों की वे झूठे  व बनावटी के मुकदमों में फंसाकर जेल भेजे जा सकते हैंजैसा  की बलिया में कई बार हो चुका है इमानदार लोक-सेवक चिराग लेकर ढुंढने  से भी नहीं मिलते जो की अपने को जनता का नौकर समझ सकें और संवैधानिक दायित्वों का इमानदारी से निर्वाह कर सकें | अतः प्रजा-तन्त्र चरमरा रही है लोगों ने यह भी बताया की उत्तर प्रदेश में प्रजा-तन्त्र दूसरे विकशित  देशों की तरह नहीं है जहाँ आम जनता का स्थान लोक-सेवकों (मंत्री, जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान, कैबिनेट सचिव, जन-प्रतिनिधि या अन्य सरकारी वेतन पर कार्य करने वालों)  से ऊपर होता है और इस तरह से उत्तर प्रदेश की आम जनता लोक-सेवकों की निगरानी और उनके कार्रवाई पर  नजर रखने में सक्षम नहीं  है |

 

 यदि आप अपने अधीनस्थ सभी पुलिस कर्मचारियों को एक परिपत्र  भेज कर  विदित   करें  की  वे किसी भी सरकारी कार्य के लिए किसी भी प्रकार का घूस नहीं लें और साथ ही सरकारी कार्य के लिए बनाई गयी आचार संहिता का पालन करें अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे, तो यह उत्तर प्रदेश की आम जनता के वास्ते आपके द्वारा लिया गया सराहनीय कदम होगा |  इससे निश्चित तौर पर भ्रष्ट अधिकारियों पर प्रभाव पड़ेगा और हमारे लोगों के जीवन यापन में भी सुधार आएगा | मेरी टीम उत्तर प्रदेश से भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने पर काम कर रही है, लेकिन वे तब तक सहज महसूस नहीं कर सकते जब तक की उन्हें संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर  सकने  वाले  अधिकारियों  के खिलाफ संरक्षण प्रदान नहीं किया जाता | अगर आप उत्तर प्रदेश के राज्य के सभी पुलिस कप्तानों  को यह हिदायत दें की यदि भ्रष्टाचार मिटाओ सेना का कोई सदस्य अपनी सुरक्षा के लिये  उनको आवेदन देता है तो वे उनकी मदद करें, तो मैं आप का बहुत ही आभारी होऊंगा |  मैं आपसे   जल्दी ही सुनने के लिए उत्सुक हूँ |

 

I visited Ballia, India in Mar- 2010 to support Bhrastachar Mitao Sena’s India team and work against corruption. I was told by my team members that there were many anti-social elements against me due to my work on corruption and I might need security during stay in Ballia, India. Based on this information, I visited SP office, Ballia and informed SP that I follow the law of land wordily and requested in writing to then SP of Ballia, Mr. Shekhar to provide me protection, but my request was not met and instead I was told by SP to not to indulge in running the parallel government, otherwise action could be taken against me. He also suggested me that the there are government organizations for this work. I am not sure, if he is involved in corruption or not, but this act of his was a real harassment for my work against corruption and welfare of people of UP and it was a terrible experience for me. Because of my life was in danger, I hired a private security for my protection and fought against the corrupt elements. I would appreciate, if you could inquire about the incident and can take action against irresponsible behavior of SP.

 During my various public meetings at different places in Ballia, I was told by my district men that police officials collect money as bribe for every report wiring e.g. for a passport, renewal of licenses, FIR etc and any work/complaint is not addressed until paying bribe to the government officials. I have requested SP and DM of Ballia to instruct the officials to not to take bribe for a legal work of general public but I have not seen any developments in this regard. Also, my team members are afraid of complaining cases of corruption against SDMs, DMs, SPs, Development Officers, Bank Managers or influential officials because they told me that they could be booked into false and fabricated cases, and might sent to jail. They also informed me the that the democracy in UP is not like other democratic countries, where the general public is above Lok-Sevaks (SPs, DMs, DGP, Secretaries, Ministers etc) in real sense, therefore people of UP is not able to monitor and check the act of Lok-Sevaks.

My team is working on removal of corruption from UP but they don’t feel comfortable until they are provided protection against officials who could misuse the constitutional authorities. I would appreciate, if you could send a memo to police officials for not taking any kind of bribe for any official work, else they would face the dire consequences. This will certainly have an impact on corrupt officials and will improve life of our people.  I would be thankful to you, if you could also instruct SPs of State of UP to provide security for my team members, if they approach them for help. Looking forward to hearing you soon.

CC: (1) Politicians (2) Lok-Sevaks (DMs, SPs, Ministers Etc), (3) Press/Media

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