मुझे भारत के प्रधान-मंत्री का बड़ाई करने के लिए खेद है – I regret for my appreciation to Mr. Manmohan Singh, PM of India

जितने भ्रष्टाचार के मामले एवं घपले-घोटाले इस भारत सरकार के कार्यकाल में घटित  हुए  हैं उसके आधार पर मैं कह सकता हूँ की प्रधान-मंत्री मनमोहन सिंह आज तक की भ्रष्टतम सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके नाक के नीचे हो रहे भरष्टाचार को रोकने में वे नाकामयाब हैं | मनमोहन सिंह के कद के इंसान को एक नजीर पेश कर सरकार का नेतृत्व प्रदान करना चाहिए था और यदि सरकार में कोई चीज उनकी इच्छा के अनुसार नहीं हो रही थी तो उन्हें गद्दी छोड़ देनी चाहिए थी | उनके लिए प्रधान-मंत्री के पद में क्या रखा है, सिर्फ रुतबा और सरकारी तंत्र एवं लोक-सेवकों के नियंत्रण के अलावा, जिसे वे पहले भी भोग चुके हैं |  यदि कोई बुरा न माने तो प्रजा-तंत्र के नियम-कानून के मुताबिक़, मैं प्रधान-मंत्री  को भी आम जनता का सेवक  ही समझता हूँ, न की राज करने वाला राजा | पहले लाखों-करोड़ों उनके चाहने वाले थे और उनका त्याग-पत्र भ्रष्टाचारियों  में कठोर सन्देश देता की वे  भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते  और किसी भी कीमत पर इससे समझौता नहीं करना चाहते | इससे उनकी छवि में चार-चाँद लगा होता और यह उन्हें लाखों लोगों के दिल में जगह दिलाता तथा इसके साथ ही भारत के महानतम  लोगों के साथ उनका नाम इतिहास  के स्वर्ण पन्नों में दर्ज हो जाता  | आज भी बोफोर्स का जिन्न जैसे  भारत के पूर्व प्रधान-मंत्री राजीव गाँधी  का पीछा नहीं छोड़ता वैसे ही अब मनमोहन सिंह को भी याद किया जाएगा |

हमने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय  अध्यक्ष सोनिया गाँधी एवं मनमोहन सिंह को बहुत सारे पत्र लिखे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के मेरे प्रस्ताव पर  गौर करने के साथ ही भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ करने तथा नियम-क़ानून में परिवर्तन कर भ्रष्टाचारियों में डर पैदा करने के लिए कहा |  आज तक मैंने मेरे पत्रों एवं प्रस्तावों पर सरकार द्वारा कोई कार्यान्वय नहीं देखा |  मुझे लगता है की वे सब रद्दी समझकर फ़ेंक दिए गए |  भ्रष्टाचार  मिटाओ सेना पूर्वी उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मिटाओ आन्दोलन की शुरुआत की है लेकिन ऐसे राजनितिक पार्टियों  का इसमे कोई सहयोग नहीं मिल रहा है | कहीं न कहीं इन पार्टियों के लोगों को यह डर सताता  है  भ्रष्टाचार मिट जाने पर उन्हें आम जनता के नौकर के रूप में रहना पड़ेगा और सामंती-युग का खात्मा हो जायेगा |

मैं सामंती-युग की तरह जीने वाले आज के  हुक्मरानों से सवाल पूछना चाहता हूँ की यदि आप हमें भ्रष्ट-मुक्त प्रशाशन नहीं दे  सकते तो पूर्वी भारत  के लोगों को भारत से अलग होकर एक भ्रष्ट-मुक्त देश क्यों नहीं बनाने देना चाहते? आप कहते हैं ही यह प्रजा-तन्त्र है और लोगों का दिल जीतकर उनका  प्रतिनिधित्व कीजिये लेकिन आपको मालूम नहीं है की ये जन-प्रतिनिधि  जीतने के बाद भ्रष्ट हो जाते हैं और   लूट-पाट करने लगते हैं क्योंकि भ्रष्टाचार रोकने के लिए भारत में कोई ऐसा प्रभावी कानून नहीं है की  भ्रष्टाचारियों  में  डर  पैदा  कर सके | शायद भारत से अलग होकर एक नया देश बने तो लोग संविधान में अमूल-चूल परिवर्तन कर भ्रष्ट-मुक्त प्रशाशन  एवं सुशाशन स्थापित कर सकें|  हमने पूर्वी भारत के कई राज्यों एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का  दौरा किया है | वहां भ्रष्टाचार इस कदर व्यापत है की सरकारी कर्मचारी खुलेआम घूस मांगते हैं और न देने पर काम नहीं करते हैं | बंगाल में सरकारी बस में टिकेट आरक्षण के लिए घूस न देने पर क्लर्क बेझिझक बोलता है की टिकेट नहीं मिलेगा जो उखाड़ना है उखाड़ लो | कहीं भी शिकायत को सुनकर कार्यवाही नहीं होती | आप यह सोचते हैं की विकाश के लिए खजाना खोल देने पर सब कुछ ठीक-ठाक हो जायेगा लेकिन आपको यह नहीं मालूम की उस पैसे का कुछ ही भाग धरातल पर लगता है और सारे धन का भ्रष्टाचारियों के बीच लूट-पाट हो जाता है | लोग ऐसा कब-तक देखते रहेंगे और  जरा आप ही बताईये की ऐसे में लोग क्या करेंगे? या तो भ्रष्ट सरकार के खिलाफ लड़ेंगे या अपने क्षेत्र  का किसी सुशाशित देश में विलय करना चाहेंगे और आप इसका सहयोग करने वालों को देश-द्रोही करार देंगे और उनकी आवाज़ को दबाने के लिए उत्पीडित  करेंगे | यदि आप भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम न उठाकर जनता को ऐसे ही पीसते रहेंगे और जबरदस्ती उन्हें सेना के बल पर डराते रहेंगे तो यह ज्यादा दिन नहीं चलने वाला है | एक दिन ऐसा अवश्य  आयेगा की आम जनता सुशाशन के लिए बगावत करेगी और सामंती जीवन व्यतीत करने के लिए बने कानून को उखाड फेंकेगी |

 

As per lot of cases of corruption and new scams unearthed during the tenure of  current Government of India at Center, I can say that Mr. Manmohan Singh, PM of India is leading the most corrupt government of the time and he was unable to act against the corruption which took place under his nose. A man of his stature should have lead by an example and if anything won’t have worked as per his desire, he would have quit.  What is there in post of PM, a status and power to control the many, which he has already enjoyed? He also had loves of millions and his resignation would have sent strong signals to corrupts that he has zero tolerance to corruption and not going to compromise. This would have got him in the history of great people of India.

I have written many letters to President of Indian National Congress Party, Ms Sonia Gandhi and Mr. Manmohan Singh to  look into my proposals to curb corruptions and do something to check the corruption and make amendments into law to instigate fear in the corrupts. I don’t find any actions on my letters or proposals. Those might be thrown in the trash. The Bhrashtachar Mitao Sena has started Bhrastachar Mitao Andolan in eastern UP but we don’t see much support from such political parties.

Advertisements

5 Responses to “मुझे भारत के प्रधान-मंत्री का बड़ाई करने के लिए खेद है – I regret for my appreciation to Mr. Manmohan Singh, PM of India”

  1. Dhanraj prajapat Says:

    i am join +919166627033

  2. Komal Kumari Says:

    Mujhe Insaaf chahiye Mere father bahut ganda Insaan hai, please meri Madt kijiye

  3. Komal Kumari Says:

    Mujhe Insaaf chahiye Mere father bahut ganda Insaan hai, please meri Madt kijiye mera phone number 8677038926

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s


%d bloggers like this: