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अन्नाजी को मेरे कुछ सुझाव – To Annaji

August 1, 2011
भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के अध्यक्ष के डेस्क से

भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के अध्यक्ष के डेस्क से

हमारे देश की ऐसी व्यवस्था है की सरकार बनाने वाली राजनीतिक पार्टियों को एक ऐसी हैसीयत मिल जाती है की उनके लोगों के लिए नियम-कानून  कोई  मायने  नहीं  रखता  और  इसके  अलावा  इन्हें  सामंती  युग की   शासकों    की  तरह ऐशो-आराम का हर एक साधन भी मिल जाता है |  अतः किसी भी सरकार में रहना या सरकार  बनाना  किसी  के  लिए  भी   सपना  साकार होना जैसा है क्योंकि हमारे देश की त्रुटी-पूर्ण प्रजा-तन्त्र में ऐसे लोगों को  उनकी  गलत  करनी  के लिए सजा  दिला पाना लगभग असंभव है |   ऐसे में हर एक पार्टी चाहती  है की ऐसे जिताऊ लोगों को अपने पास रखा जाय जो जीतकर सरकार बनाने में मदद करें |  चूँकि राजनितिक पार्टी चलाने या चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए बहुत सारे पैसों की जरूरत होती है अतः यह कोई अपनी मेहनत से अर्जित की हुई कमाई से नहीं कर सकता | जहाँ तक चंदा देने का सवाल है तो कोई भी ईमानदार आदमी जो मेहनत से पैसा कमाया है, वह कतई भी चन्दा देना नहीं चाहेगा |  अतः राजनीतिक पार्टियों को वही लोग ढेर-सारा चंदा देते हैं जो की भ्रष्ट कार्यों के माध्यम  से उससे ज्यादा कमाने की सोच रखते हों और उन्हें एक वरद-हस्त की आवश्यकता हो | आज कोई भी राजनीतिक पार्टी कोई बड़ी जन-सभा करती है तो उसे करोड़ों  रुपये खर्च करने पड़ते हैं| इतना पैसा कहाँ से आता है ? या तो भ्रष्ट  लोग इसे प्रायोजित करते हैं या सरकार में मंत्री रहे लोग अवैध तरीके से कमाए हुए पैसे को लगाते हैं | अतः ये लोग सरकार बनने के बाद फिर भ्रष्ट तरीके से पैसे कमाने में लग जाते हैं और अपने सहयोगियों को भ्रष्टाचार करने की खुली छुट दे देते  हैं | चूँकि कानून के रखवालों को इनके तहत काम करना होता है अतः उन्हें देश के लूटेरों के खिलाफ कुछ करने नहीं देते हैं | यदि कुछ इस तरह का नियम-कानून बन जाता की सरकार में काम करने वाले हर किसी  को आम जनता का एक नौकर बनकर रहना पड़ता और किस भी तरह के शानो-शौकत का कोई भी साधन मुहैय्या नहीं कराया जाता तथा इसके साथ ही कोई भी नियम-कानून पहले इनके ऊपर  लागू होता और इनके बचने का कोई विकल्प नहीं रहता तो राजनीतक पार्टिओं में येन-केन प्रकारेण चुनाव जीतकर सरकार बनाने की लालसा कम होती और इस तरह से इमानदार और जनता के प्रति समर्पित लोग ही राजनीतिक पार्टियों में शामिल होते | लेकिन भारत में ऐसा नहीं है | यदि आपका जन लोक-पाल बिल पास हो जाये तो सरकार बनाने वाले पार्टियों के आधे से ज्यादा मंत्री और नेता जेल के अन्दर होंगे, अतः वे क्यों ऐसे बिल को पास कराएँगे ?  इसके अलावा इन नेताओं को अवैध तरीके  से पैसा कमाने में दिक्कत होने लगेगी अतः उन्हें फिर से जीतकर सरकार बनाने में अड़चन आएगी | अतः ऐसे लोग क्यों चाहेंगे  की वे ऐसे बिल को पास करा कर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी  मारें |

हम जोर जबरदस्ती से कोई भी कानून तब तकपास नहीं करा सकते जब तक की हमारे संसद सदस्य खुद न चाहें |   अतः इस त्रुटी-पूर्ण लोक-तन्त्र को बदलने के लिए जरूरी है है संसद  में आप जैसी सोच वाले लोग जाएँ और इसके लिए जरूरी है की आप जैसे लोग चुनाव लड़ें | अतः आपको मेरा सुझाव है की आप एक राजनीतिक पार्टी बनाकर ऐसे लोगों को एक छतरी के नीचें लायें जो देश के लिए जीना  चाहते हों | इसमे शीघ्र कामयाबी नहीं मिलेगी और बहुत समय भी संगठन को तैयार करने में लग सकता है लेकिन यदि आप एक मज़बूत नीवं डाल दें तो मेरा पूरा भरोसा है की हमारी नयी पीढ़ी इसे अवश्य आगे बढ़ाएगी | आप चाहें तो हमारी भ्रष्टाचार मिटाओ सेना से सम्बद्ध होकर जमीनी स्तर  पर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ सकते हैं | सेना उन लोगों के लिए लड़ाई लड़ रही जो रोज़-मर्रा की चीजों और अपने हक़ को पाने के लिए भ्रष्टाचार से रोज़ दो-चार होते हैं |  इससे दो फायदे होंगें – एक की हमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ  लड़ाई  सतत जारी  रहेगी   और दूसरी की आम जनता के लिए काम करने से हमारी इनमें पकड़ बढ़ेगी और यह चुनाव के समय काम आएगी | सेना अभी पूर्वी उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक निदेशक और जिले के प्रत्येक ब्लाक में एक संयोजक नियुक्ति कर रही है | निदेशक एवं संयोजक का कार्य ईमानदार लोगों को सेना में लाना और जो भी टूटे-फूटे नियम कानून हैं उनके सहारे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है | भ्रष्टाचार मिटाओ सेना आम जनता को निम्न सेवा मुफ्त में प्रदान करती है – 

१.        यदि कोई लोक-सेवक (जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान, मंत्री,  जन-प्रतिनिधि या कोई भी सरकारी नौकर) समय पर किसी का काम नहीं करता है या रिश्वत  की मांग करता है तो उस पर मुकद्दमा  करने के लिए इसकी शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’  के वकील से करें |

२.       यदि किसी लोक-सेवक की संपत्ति उसकी ज्ञात स्रोतों की आय से अधिक है तो उस पर मुकद्दमा  करने के लिए इसकी शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’  के वकील से करें |

३.       यदि कोई लोक-सेवक किसी विकाश कार्य में लूट-खसोट करता है या किसी  घपले-घोटाले में लिप्त है तो उस पर मुकद्दमा  करने के लिए इसकी शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’  के वकील से करें |

४.      यदि कोई लोक-सेवक किसी सरकारी योजना का लाभ असली लाभार्थी को न देकर किसी अन्य को देता है तो उस पर मुकद्दमा  करने के लिए इसकी  शिकायत ‘भ्रष्टाचार मिटाओ सेना’  के वकील से करें | 

आशा है की आप हमारे सुझावों पर अवश्य ध्यान देंगें |

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