Archive for October, 2011

घोषणा पत्र ले लो – Buy Manifesto

October 10, 2011

सेवा में –

राजनितिक पार्टियों के नेता एवं मुखिया                         

जिस तरह से मीडिया ने तमिल के नए मुख्य-मंत्री  के घोषणा पत्र का  मान-मर्दन किया और मुख्य-मंत्री   बनते ही सात वादों को पूरे करने के लिए उनको महिमा मंडित किया उससे लगता है की भविष्य में होने वाले चुनावों में ऐसी घोषणा पत्रों की बाढ़ सी आ जायेगी | हर एक पार्टी आम जनता को लोक-लुभावन वादों से अपने तरफ लाने की कोशिश करेगी और इस तरह से उनमें  घोषणा पत्रों को एक दूसरे से ज्यादा लुभावना बनाने की होड़ सी लग जाएगी | इस तरह से घोषणा पत्र बनाने के लिए पार्टियाँ किसी भी स्तर  तक जा सकती हैं और घोषणा पत्रों का अकाल सा पड़ सकता है | चूँकि    उत्तर प्रदेश में भी २०१२ में चुनाव होना है अतः तमिल के चुनाव से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश में भी सपा, बसपा एवं कांग्रेस के अलावा अन्य राजनीतिक पार्टियाँ भी एक से बढ़कर एक घोषणा पत्र बनाने की कोशिश करेंगी |  अतः इनको एक बढ़िया और उत्तम गुणवत्ता का कोई बना बनाया घोषणा पत्र  मिल जाय तो उसे वे अवश्य खरीदना चाहेंगी | इस बात को मद्दे नजर रखते हुए हमने एक ऐसी घोषणा पत्र का इजाद किया है जैसा की न आज तक किसी ने बनाया है और न ही भविष्य में कोई बना पायेगा | यह एक बेजोड़ एवं सर्वोत्तम घोषणा पत्र होगा और मैं इसे उस पार्टी को बेचना चाहूँगा जो की मुझे एक अच्छी रकम दे सके | इसलिए इसका मैं कापी राईट भी करा रहा हूँ ताकि इसका कोई भी अंश  कोई कापी न कर सके, और यदि कोई कापी करे तो मैं उसके खिलाफ मुकद्दमा कर पैसे वसूल सकूं |

१. किसी परिवार की सालाना आय यदि रुपये २ लाख या उससे कम है तो उनके लिए घोषणा (इसका नामकरण   अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं) 

१.       किसी भी लड़की की शादी के लिए रुपये एक लाख दहेज़, रुपये एक लाख शादी में खर्च और छः तोला सोना विदाई के लिए मुफ्त |

२.     एक लखटकिया  कार (इसके लिए टाटा ग्रुप से डील कर सकते हैं ) और प्रति माह २० लीटर पेट्रोल मुफ्त |

३.     २० किलो चावल, २० किलो आटा, १० किलो दाल, ५ किलो सब्जी, ३ किलो तेल, २ किलो घी, १ किलो मीट, २५० ग्राम गरम मसला और खाने-पीने का अन्य सामान खरीदने के लिए रुपये २००० मुफ्त |

४.     इंधन के लिए २ भरी हुयी सिलिंडर गैस मुफ्त |

५.     बिजली-पानी मुफ्त और बिजली न रहने की अवस्था में निर्बाध सेवा के लिए ३० के.वी.ए. का एक इनवर्टर मुफ्त |

६.      टी.वी., फ्रीज़ एवं अन्य साधन के साथ ३-बेडरूम का एक फ़्लैट मुफ्त

२. हेक्टेयर या इससे कम भूमि  की मालिकाना हक़ वाले किसानों के लिए घोषणा (इसका नामकरण   अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं) 

१.       सारा सरकारी एवं प्राईवेट कर्ज माफ़ | प्राईवेट कर्ज देने वाले सरकार बनने पर कर्ज का धन वसूली के वास्ते सरकार से संपर्क करें |

२.     नलकूप लगाने के लिए रुपये ५०,००० एवं बिजली मुफ्त |

३.     बिजली न रहने पर निर्बाध सेवा के लिए ५० के.वी.ए. का जनरेटर एवं प्रतिमाह २० लीटर डीजल मुफ्त |

४.     खेत की जोताई, बोवाई, खाद-बीज  एवं अन्य खर्च के लिए प्रति माह रुपये २,००० मुफ्त |

५.     भूमि अधिग्रहण के मामले में भूमि देने वाले किसानों का संगठन बनाकर उनकी सारी मांगो को पूरा करने के बाद  अधिग्रहण |

३. बेरोजगार नौजवानों के लिए घोषणा (इसका नामकरण   अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)

१.       मनरेगा को और आगे बढ़ाकर घर बैठे हर बेरोजगारों को प्रति माह रुपये १०,००० मुफ्त | इसके लिए काम करने की कोई जरूरत नहीं  और यह हमेशा मिलता रहेगा | यदि मनरेगा के तहत कोई काम करता है तो उसे रुपये ५०० प्रतिदिन अतिरिक्त | यह काम साल में ९ महीने देने का वादा |

२. एक मोटर साईकिल   और प्रतिमाह १० लीटर पेट्रोल मुफ्त |

४. किसी भी वर्ग के हर छात्रों के लिए घोषणा (इसका नामकरण   अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)

१.       यदि कक्षा १० तक के बच्चे स्कूल आयें या न आयें, सबके लिए प्रति माह रुपये २००० की छात्रवृत्ति (बहुत सारे स्कूलों में फर्जी, यहाँ तक की विदेशों में रहने वाले, बच्चों के ऊपर  भी छात्रवृत्ति निकाला जा रहा है और यह सबको पता है ) मुफ्त |

२.     कक्षा १० तक के बच्चे स्कूल आयें या न आयें, सबके लिए प्रति माह अतिरिक्त रुपये ५०० मिड-दे मील के लिए मुफ्त |

३.     कक्षा १० से ऊपर के बच्चे स्कूल आयें या न आयें, प्रति माह रुपये ५००० की छात्रवृत्ति एवं एक अच्छी गुणवत्ता वाली एवं हर सुविधाओं से लैश लैपटॉप |

४.     लैपटॉप चलाने तथा यू.पी.एस., बिजली और इन्टरनेट की व्यवस्था करने के लिए प्रति माह रुपये २,००० मुफ्त |

५. सरकारी कर्मचारियों एवं घूसखोरों के लिए वृहद योजना (इसका नामकरण   अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)

१.       रुपये ५ लाख या इससे नीचे के आय वाले कर्मचारियों के लिए हर साल रुपये ६०,००० बोनस मुफ्त |

२.     रिश्वत के लेन-देन को कानूनी वैधता प्रदान करना ( वैसे भी कागज पर न सही, वैधत तो प्रदान है ही ) | इससे लोगों को पैसे के बल पर जल्द से जल्द काम के निपटारे में सहूलियत होगी और पैसे खर्च कर जल्द से जल्द न्याय भी पाया जा सकता है |

३.     आय से अधिक सम्पति कमाने वालों को पद्मश्री | यह पद्मश्री उन्हें उदहारण प्रस्तुत कर एक समृद्धशाली व्यक्ति बनने के लिए ताकि दूसरे भी उनका अनुसरण कर भारत को जल्द से जल्द एक समृद्धशाली देश बनाने में योगदान करें |

४.     कमिसनखोरी  को कानूनी वैधता प्रदान करना | इससे सरकारी नौकर जैसे मंत्री से लेकर संत्री तक और जन-प्रतिनिधि मनोयोग से काम करना शुरू कर देंगे | आज किसी भी तरह के विकास कार्य के लिए प्रदत्त धन का १०% ही धरातल पर लग रहा है और ९०% कमिसन में वितरित हो जा रहा है | अतः विकाश के लिए १०००% धन अवमुक्त करना ताकि ९०% कमिसन वितरण के बाद १००% धरातल पर लग सके |

६. अन्य घोषणाएं (इसका नामकरण   अपनी पार्टी के किसी बड़े नेता के नाम पर रख सकते हैं)

१.       हर तरह की पेंशन (वृद्धा, विधवा इत्यादि ) को बढ़ाकर प्रति माह रुपये १०,००० तक मुफ्त |

२.     हर तरह की सहायता राशि (विकलांग, गरीबी इत्यादि ) को बढ़ाकर प्रति माह रुपये १०,००० तक मुफ्त |

३.     वोट डालने के लिए आम जनता को प्रति वोट रुपये १०,००० का बोनस मुफ्त |

४.     किसी भी चुनाव के प्रत्याशियों को को रुपये ५० करोड़ तक खर्च करने की खुली छुट |

५.     ५ साल में प्रदेश को अमेरिका जैसा विकशित करना |

घोषणायें   पूरी  हो या न हो उसके बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है | जिस तरह से तमिल की मुख्य-मंत्री ने सोच रखा है वैसा ही किया जा सकता है | हो सकता है की अपनी पार्टी की भ्रष्ट नेताओं की विदेशी बैंको में जमा धन या भारत में जमा अकूत सम्पति को दान के रूप में राज्य के खजाने में जमा करने का गुप्त समझौता हुआ हो |  वैसे भी जब आज की जनता में नैतिकता नहीं रह गया है तो नेताओं को नैतिक बनकर उदहारण प्रस्तुत करने की क्या जरूरत है? यदि कुछ ईमानदार लोग जैसे बाबा रामदेव या अन्ना जी हो-हल्ला मचाएं तो पार्टी में से उनसे   ज्यादा हो-हल्ला मचाने वालों को आगे कर उनकी आवाजों को दबा सकते हैं | वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय ले सकते हैं तथा पहले एक-दो महीने में कुछ वादा भी पूरा कर सकते हैं | छह महीने बाद जनता अपने आप सब कुछ भूल जाएगी और फिर किसको फालतू का समय है इन वादाओं के बारे में पूछने का | हमें आशा है की इन वादाओं से जनता जरूर आपके पार्टी के मुखिया को मुख्य मंत्री बनाने का मौका अवश्य देगी | अब मुख्य-मंत्री कौन जनता का नौकर बनने के लिए बनता है ? यह तो रुतबा, लूटने और राजा-महाराजाओं की तरह जीवन यापन करने का एक साधन सा बन गया है | अतः पांच साल में जितना हो सके प्रदेश को चूसकर निकल लेना है | भारत में प्रभावशाली, रसूखदार  या भ्रष्ट लोगों के खिलाफ निष्पक्ष एवं इमानदारी पूर्वक जांच के लिए कोई ऐसी संस्था नहीं है जिससे डरने की जरूरत है, और वैसे भी नेताओं के लिए भारत में अलग कानून या प्रोटोकॉल लगता है | अतः आज तक उनका कोई कुछ बिगाड़ सका है की डरें | यदि कोई विपक्षी पार्टी विद्वेष-वश जाँच का दर दिखाती भी है तो कोर्ट है न | सुप्रीम  कोर्ट तक जाते-जाते क्या पता आप जीवित  रहें या न रहें |  हाँ यदि आप दूसरी पारी में भी मुख्य मंत्री बनना   चाहते हैं तो कुछ करना पड़ सकता है | ऐसे में आप प्रदेश के संसाधनों को गिरवी रखने के लिए वर्ल्ड बैंक को संपर्क कर सकते हैं नहीं तो अमेरिका या चाईना तो मदद के लिए है ही |

नोट: उपर्युक्त घोषणायें हर वर्ग के लोगों को खुश करने के लिए है ताकि जनता आपको दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने का मौका दे सके |  यदि उत्तर प्रदेश की जातिवादी/छद्म धर्मवादी पार्टियाँ जाति या धर्म के आधार पर लोगों को बाँट कर राज करना चाहती हैं तो इसमें उसी  अनुसार संशोधन किया जा सकता है |


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