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क्या, क्यों, कैसे, कब और कहाँ

February 2, 2013

क्या – भ्रष्टाचार मिटाओ सेना सन २००७ से लूट-पॉट करने वालों के खिलाफ मुक़दमा एवं जांच के माध्यम से कार्रवाई कराने की कोशिश कर रही है लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था की वजह से अपराधियों को सजा नहीं दिला पा रही है| जब तक हम ऊपर विधान सभा में जाकर व्यवस्था परिवर्तन के लिए नियम कानून नहीं बनाते तब तक नीचे से कुछ भी करें, हम भ्रष्टाचार मिटाने में कामयाब नहीं हो सकते और लुटे जा रहे अथाह सरकारी धन को बचा नहीं सकते | भ्रष्ट लोगों को सजा न दिला पाने के वज़ह से आज राज्यपाल से लेकर लेखपाल तथा मंत्री से लेकर संत्री तक लोगों एवं सरकारी खजाने को लूटकर मालामाल हो रहें हैं और आम जनता को उसका हक आसानी से नहीं मिल पा रहा है |

क्यों – यदि हम भ्रष्टाचार को मिटा दें तो लुटे जा रहे अथाह धन को बचा सकते हैं और अरबों के कालाधन को बाहर जाने से रोक सकते हैं | साथ ही घूसखोरी की प्रथा बंद हो जाएगी | अतः इससे घर-घर तक पिच सड़क हो सकेगा, गावों में चौबीस घंटे बिज़ली होगी, हर गाँव में फैक्टरी होगी और सबको काम होगा, गावों में दून पब्लिक स्कूल जैसे चमचमाते विद्यालय होंगें, हर जिले में अपोलो अस्पताल जैसे चमचमाते अस्पताल होंगे, लोगों को समय से न्याय मिलेगा और आम जनता का काम एक समय सीमा के भीतर होगा और काम करने के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा |

कैसे – १. सबसे पहले सिर्फ भ्रष्टाचार के रोक-थाम के लिए एक स्वतंत्र एवं मजबूत लोक-आयुक्त का निर्माण जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं | भ्रष्टाचार के खिलाफ जाँच करने वाली सभी संस्थाओं को इससे जोड़ा जायेगा और जाँच अधिकारियों के चयन की कसौटी इमानदारी होगी | इस संस्था से जुड़े लोग यदि भ्रष्ट पाए गए तो जुर्माने के साथ-साथ उम्र-कैद तक की सजा | इस लोक-आयुक्त का एक विंग सभी सरकारी एवं चयनित सरकारी नौकरों पर निगाह रखेगा और इनकी आय और खर्च के हर साल का व्यौरा आम जनता के लिए मुहैय्या कराएगा | यदि कोई सरकारी नौकर आय से ज्यादा खर्च करने में पकड़ा जाता है तो उसे सख्त सजा का प्रावधान होगा | लोक-आयुक्त का दूसरा विंग अपने स्वयं के संज्ञान या आम जनता के शिकायत के उपर किसी भी सरकारी नौकर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दायर कर जाँच करेगा और पूरी कोशिश करेगा की सरकारी नौकर पर भ्रष्टाचार का मामला सिद्ध हो जाय | एक समय सीमा के अंतर्गत जाच कर दोषी को कठोर से कठोर सजा देने का व्यवधान होगा|

२. नियम – कानून बनाकर न्यायालयों में जजों की जिम्मेदारी तय कर अपराधों के श्रेणी के ऊपर एक समय-सीमा के अंतर्गत मामलों का निपटारा | त्वरित न्याय के लिए न्यायालयों को पूरी सुविधा मुहैय्या कराना | साथ ही सरकारी नौकरों जैसे मंत्रियों एवं उच्च अधिकारियों के लिए आलीशान कोठियों के जगह सामान्य निवास की व्यवस्था तथा लाल-नीली बत्तियों का चलन बंद कराना ।

३. जिलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान का जिले के जनता द्वारा चुनाव के माध्यम से चयन एवं ग्राम-प्रधानों को लेकर राज्य के तर्ज पर जिले में मंत्रिमंडल का गठन ताकि जिले का कमान आम जनता के हाथों में रहे | गाँव स्तर पर हर सरकारी विभाग के लिए एक ग्राहक सेवा की स्थापना जहाँ लोग किसी भी तरह के काम के लिए आवेदन दे सकें और सेवा केंद्र द्वारा एक नियत समय में उसका निपटारा | ऐसा न होने पर सरकारी नौकरों के खिलाफ कार्रवाई | इससे आम जनता का काम एक समय सीमा के अंदर एवं बिना घूस के संभव हो सकेगा | आम जनता द्वारा चयनित सभी पदों के लिए तनख्वाह देने की व्यवस्था की जाएगी |

4. जब पूरी तरह से तसल्ली हो जाय की भ्रष्टाचार पर अंकुश लग गया है तो सरकारी खजाने में अथाह सम्पति होगी अतः निम्न कार्य कराना – घर-घर तक पिच सड़क की व्यवस्था, गावों में चौबीस घंटे बिज़ली की व्यवस्था, हर गाँव में फैक्टरी एवं उद्योग की व्यवस्था ताकि हर घर को काम मिल सके, गावों में दून पब्लिक स्कूल जैसे चमचमाते विद्यालय की स्थापना के साथ गरीब घर के बच्चों को मुफ्त पढाई की व्यवस्था ताकि उनकी नींव मजबूत हो सके, हर जिले में अपोलो अस्पताल जैसे चमचमाते अस्पताल की स्थापना एवं उसमें गरीबों के किसी भी तरह के उपचार के लिए मुफ्त व्यवस्था |

कब पांच साल के पहले तीन सालों में हम ऊपर दिए गए विन्दुयों (1) से (3) और अगले दो साल तक विन्दु (4) पर कार्य करेंगें । यदि अगले पांच सालों के लिए एक और मौक मिला तो डॉ. विनय कुमार, अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, भ्रष्टाचार मिटाओ सेना, की किताब, ‘उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में कैसे बदलें’ में वर्णन अन्य उपायों को लागू किया जायेगा |

कहाँ – विधान सभा एवं संसद में । पूरा भारत गवाह है कि आज की कोई भी राजनीतिक पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी कदम नहीं उठा सकती क्योंकि इससे उसके मुखिया और अधिकतर नेता जेल में होंगें | यदि ऐसा नहीं होता तो आम जनता की आवाज़, ‘जन लोकपाल बिल’, का साथ देने के लिए एक भी राजनीतिक पार्टी तो आगे आयी होती | उत्तर प्रदेश में तो ऐसी पार्टियों ने भ्रष्टाचार के साथ-साथ इसे जाति-पांति के आधार पर भी बाँट रखा है | आज की सारी पार्टियाँ अलग-अलग प्रकार की गड्ढों की तरह है जिसकी गन्दी मछलियाँ उन गड्ढों में भरे सारे पानी को गन्दा कर दी हैं | अतः इसमें कोई भी साफ़ मछली जायेगी, वो गन्दी हो जाएगी |

हमने मुलायम सिंह के साथ-साथ उनके भाईयों, बेटे और बहु को झेल लिया है और ऐसा लगता है कि इनके रहते उत्तर प्रदेश की हालत में कोई सुधार नहीं होने वाला है | बसपा राज ने उत्तर प्रदेश की हालात में रत्ती भर भी बदलाव नहीं लाया | तकरीबन दस साल से युवाओं ने राहुल गाँधी को लगातार मौका दिया लेकिन उन्होंने स्वर्णिम अवसर खो दिया और अब उनमें उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आती | अतः अब मुलायम सिंह के पोती, एक बार फिर कांशी राम जी के अवतार या राहुल गाँधी के बेटी का इंतज़ार करना पड़ेगा | अब आपको सोचना है कि आप इतने लम्बे समय तक इंतज़ार करेंगे या किसी विकल्प की तलाश करेंगे | कोई भी व्यक्ति यदि इन पार्टियों का सहयोग करेगा या इनकी तरफ से चुनाव लड़ेगा, वह आगे चलकर लूट-खसोट का हिस्सा बन कर रह जायेगा और कुछ नहीं कर पायेगा | भ्रष्टाचार मिटाओ सेना एक साफ़-सुथरा पानी से भरे तालाब की तरह है जिसमें यदि कोई गन्दी मछली आती है तो उसे मारने की पूरी व्यवस्था है | अतः आपसे गुजारिश है की एक बार आप अपने अंतरात्मा की आवाज को सुनें और भ्रष्टाचार मिटाओ सेना को व्यवस्था परिवर्तन के लिए एक अवसर दें |

Youtube परहिंदीमेंभाषण:

Part 1 – http://www.youtube.com/watch?v=qj6GcVJy7Ro

Part 2 – http://www.youtube.com/watch?v=ibm3EItawUw&feature=relmfu

Check here for the copy of speech to read and disseminate.

भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें – https://vinay1340.wordpress.com/bhrastachar-mitao-sena/

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