Archive for March, 2014

जीओ शेर अरविंद केजरीवाल

March 26, 2014

केजरीवाल जी, आपने एवं आपकी टीम ने एक ऐसा मिशाल कायम किया है जो आने वाली पीढ़ी को रास्ता दिखायेगा। आज के दिन में आप जैसा ईमानदार एवं देश के प्रति समर्पित व्यक्ति किसी भी राजनीतिक पार्टी में नहीं है । आपके कर्म के वजह से भ्रष्टाचार मिटाओ सेना आँख बंद कर आप पर भरोसा करती है, क्योंकि आप सपने में भी गलत नहीं कर सकते । आपसे भ्रष्टाचार मिटाओ सेना को उम्मीद है कि आप ही अन्य राजनीतिक पार्टियों को एक नयी दिशा प्रदान कर भ्रष्टाचारियों एवं अपराधियों से निजात दिलाएंगें ताकि भारत से गरीबी मिट सके । हर भारतीय को मालूम है कि नेता लोग मंत्री बने रहने के लिए किस स्तर तक गिर जाते हैं, लेकिन आपने अपने कर्तव्य पालन के लिए मुख्यमंत्री पद कुर्बान कर दी । आज भारत को आप जैसे नेता की जरूरत है, जो बिरले ही पैदा होते हैं । आप के स्तर का नेता आज की किसी भी राजनीतिक पार्टी में नहीं है । आप की ‘आप’ पार्टी को पता है कि भ्रष्टाचार खत्म किये बिना भारत की तक़दीर नहीं बदल सकती । अतः इसके लिए आपने दिल्ली में सख्त जन लोक-पाल बिल लाने की कोशिश की लेकिन बहुमत न होने से यह पास नहीं हो सका । अतः इस स्थिति में क्या करना चाहिए था? गवर्नेन्स के नाम पर मनमोहन सिंह के तरह कुर्सी से चिपके रहना चाहिए था या देश की तक़दीर बदलने के लिए आगे बढ़ना चाहिए था? हाँ, एक काम यह किया जा सकता था कि जन लोक-पाल बिल लाने के पहले केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजना चाहिए था । लेकिन इससे क्या होता? केंद्र में बैठे महिषासुर (भ्रष्टाचारी) इसे मंजूरी दे देते? कतई नहीं । हाँ, इतना अवश्य हुआ होता कि दिल्ली सरकार दो-चार दिन और चल गयी होती । लेकिन इससे होता क्या? जब मजबूत जन लोक-पाल बिल ‘आप’ पार्टी पास नहीं करा सकती तो नाम के वास्ते सरकार चलाने का क्या औचित्य था? एक सही कहावत है कि ॥ जो कल करना सो आज कर, जो आज करना सो अब । पल में प्रलय होएगी बहुरि करोगे कब ॥ अतः केजरीवाल जी ने जो किया वो उचित ही था । नेट पर बहुत सारे लोगों ने केजरीवाल जी को इस कदम के लिए भद्दी-भद्दी गालियाँ दी तो किसी ने रण छोड़ दास चांचड़ और भगोड़ा कहा । मिडिया ने भी बहुत सारी अनर्गल बातें छापी । लेकिन दुःख की बात यह है कि यह सब बिना बहस किये या कारण बताये किया गया, जो कि अनुचित है । केजरीवाल जी के कदम को अनुचित सिद्ध करने के बाद उन्हें गाली देना ज्यादा उचित था । लोगों एवं मिडिया को इसका ध्यान रखना चाहिए । ‘आप’ पार्टी में अब अन्य पार्टियों के भ्रष्ट कार्यकर्ता धड़ल्ले से शामिल हो रहे हैं, लेकिन इन्हें ‘आप’ पार्टी का फेस (मुख) बनाने से परहेज करना चाहिए । ‘आप’ पार्टी को यह भी ध्यान रखने कि जरूरत है ‘बिन्नी’ जैसे भस्मासुर घुसने न पाये, और यदि घुस गए तो बिना सजा के बच न सके । आप के तरह अन्ना जी पर भी भ्रष्टाचार मिटाओ सेना आँख बंद कर विश्वाश करती है । अन्ना जी का १७ सूत्रीय कार्यक्रम देश के भले के लिए ही होगा और बिना सोचे समझे ‘आप’ पार्टी को इसे मान लेना चाहिए । यदि ‘आप’ पार्टी को कुछ करने के लिए सालों इंतज़ार नहीं करना है तो अन्ना जी सरीखे महापुरुष को साथ में लाना बहुत जरूरी है । ‘आप’ पार्टी का वजूद उन्ही के वजह से है, अन्यथा ‘आप’ को सालों लग जाते आम जनता में पैठ बनाने में । कम्युनिस्ट पार्टी ५० सालों से भी ज्यादा दिनों से वजूद में है लेकिन एक-दो राज्यों को छोड़कर कहीं अन्य अपना पैठ नहीं बना सकी । अतः ‘आप’ पार्टी को अच्छे लोगों के घर तक जाकर पार्टी में जोड़ने से हिचक नहीं करना चाहिए। भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के अनुभव एवं विश्लेषण के मुताबिक ‘आप’ पार्टी को इस लोक-सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से एक भी सीट नहीं मिलेगी क्योंकि वहाँ की ग्रामीण जनता जाति -पाति में बंटी हुयी है और इसके साथ ही ‘आप’ पार्टी का कोई ऐसा प्रत्याशी नहीं मिला जो चुनाव के पहले से गॉंव-गाँव घूमकर लोगों से संवाद कायम कर अपनी पैठ बनाई हो । उत्तर प्रदेश में ‘आप’ पार्टी का कोई आधार नहीं है और यह अहसास करने में कहीं देर न हो जाय । भगवान आपको सद्बुद्धि दें ।

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राहुल गाँधी को भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के तरफ से नसीहत …. गतांक से आगे …

March 15, 2014

आपको दो सिद्धांतों, पहला सत्ता से दूरी तथा दूसरा भ्रष्टाचार निवारण से कभी समझौता नहीं करना है । आप यह तय कर लें कि आपको सिर्फ व सिर्फ विपक्ष में बैठना है, चाहे संसद हो या विधान सभा, और आपको अपनी पूरी ऊर्जा भ्रष्टाचार मिटाने पर लगाना है । आपको यह मंत्र, ‘भ्रष्टाचार मिटाना है, सबको सुखी बनाना है’ दिल में बैठा लेना है । केजरीवालजी इन दो सिद्धांतों पर अडिग हैं और इसलिए वे देश की जनता के आखों के तारे हैं । उनकी यह जिद की वे जोड़-तोड़ के आधार पर किसी भी कीमत पर सरकार नहीं बनायेगें, वो कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों के लिए एक सीख है क्योंकि ये सभी पार्टियां सत्ता की लोलुपता के कारण जोड़-तोड़ एवं खरीद-फरोख्त के द्वारा नैतिकता के सभी मानदण्डों को तोड़कर सत्ता पाना चाहती हैं । दिल्ली की पिछली सरकार आपके लिए एक उदाहरण थी जहाँ जनता ने जबरदस्ती सरकार बनाने के लिए केजरीवालजी को राजी किया । हम यह नसीहत आपको इसलिए दे रहे हैं कि आपकी पार्टी बहुत पुरानी है अतः आपको केजरीवालजी के स्तर तक पहुँचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा और यदि आप चाह दें तो देश की काया बदल सकते हैं जिसे पिछले साठ सालों में कांग्रेस पार्टी के लोगों ने चूसकर कंगाल बना दिया है । दूसरा यह कि सपा एवं बसपा गुणविहीन हैं और उन दोनों ने उत्तर प्रदेश को रसातल में पहुँचा दिया है । अब या तो मुलायम की पोती या कंशरामजी के पुनर्जन्म का इंतज़ार करना पड़ेगा । बंगाल में कम्युनिस्ट पार्टी के राज में भ्रष्टाचार चरम पर था अतः उनसे उम्मीद न के बराबर है । भाजपा को बहुमत मिलना आसान नहीं है और यदि उन्हें मौका मिलता भी है तो उनके लोगों में भी लूटने के वास्ते सत्ता में रहने की होड़ रहती है । आज हम आम जन को निम्न तीन चीजों की अति आवश्यकता है ।
१. भ्रष्टाचार मिटाने की ताकि हमारा हक़ बिना घूस खिलाये मिल सके, विकाश के धन का लूट -पॉट न हो तथा इसकी वजह से गरीबों एवं धनाढ्यों पर अलग-अलग कानून न लगे ।
२. त्वरित न्याय की ताकि न्याय पाने में देरी न होने के वजह से हम अपने अधिकारों से वंचित न हो और अपराधी, रुतबा तथा पैसे वाले न्याय कानून की धज्जियाँ न उड़ा सकें ।
३. त्वरित सेवा की ताकि आम जनता का काम एक समय-सीमा में हो सके और काम कराने के लिए दुर्दशा से न गुजरना पड़े ।
बिजली, पानी, सड़क, घर, अनाज आदि के बिना तो हम सैकड़ों सालों से जीते आये हैं और इन मूलभूत सेवाओं के बिना कुछ दिन और रह सकते हैं लेकिन ऊपर दिए गए तीन आवश्यकताओं के पूरा होते ही हम आम लोगों के जीवन में बहुत सुधार होगा । आप के पास दस साल का सुनहरा मौका था भारत की तस्वीर बदलने के लिए, लेकिन आपने इन दस सालों में वोट माँगने के सिवाय कुछ नहीं किया । आप पर जनता कैसे विश्वास करे? आशा है कि आप हमारे नसीहत पर गौर फरमायेंगे अन्यथा हम आम जनता की हालत में सुधार के लिए आपके अगले पीढ़ी का इंतज़ार करना पड़ेगा ।

राहुल गाँधी को भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के तरफ से नसीहत

March 1, 2014

राहुल जी, आप एवं सोनिया जी के नाम हमने कई पत्र भेजे लेकिन पता नहीं कि कभी आपने पढ़ा या नहीं, या आपके ज्ञानी सलाहकारों ने उन्हें कूड़ा समझकर कूड़ेदान में फ़ेंक दिया । आपको देश की जनता ने दस साल का मौका दिया लेकिन आप कुछ ऐसा नहीं कर सके जिससे की आपके ऊपर विश्वास जम सके । अब जनता आपको और मौका क्यों दे? यदि आप वाकई देश के लिए कुछ करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपके पार्टी को सत्ता का लालच त्यागना होगा । आप भी कई बार कह चुके हैं कि आपकी पीढ़ियां कई बार देश के सर्वोच्च पद पर बैठ चुकी हैं, अतः प्रधानमंत्री पद आपके लिए कोई मायने नहीं रखता । यह सोच काबिले तारीफ है लेकिन ऐसी सोच आपके पार्टी की नहीं है और आपके पार्टी के ९९% लोग सत्ता के लालच में निरंतर लगे रहते हैं ताकि लूटपाट कर धन अर्जित कर सकें और रुतबा के साथ शानो-शौकत की जिंदगी जी सकें । विभिन्न न्यूज़-एजेंसियों के मुताबिक़ आपकी सरकार के अधिकतर मंत्री भ्रष्ट, घमंडी एवं सत्ता के नशे में चूर हैं । वे कभी अपने को आम जनता का नौकर सपने में भी नहीं सोचते । वे आम जनता के नौकर की तरह कभी बर्ताव नहीं करते । उनसे आम जनता की उन्नति का कैसे अपेक्षा कर सकते हैं? आपको केजरीवाल जी से बहुत कुछ सिखना है । आपकी पार्टी में सत्ता को तिलांजली देने कि सोच कभी नहीं दिखी । आज कांग्रेस पार्टी सरकार के भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे होने के वजह से लोगों में आक्रोश है फिर भी आपके लोग सत्ता में रहने के लिए अगला लोक-सभा चुनाव जीतने के वास्ते हर हथकंडा अपनाने के लिए तैयार बैठे हैं । आपको सबसे पहले उन मंत्रियों एवं पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए जिन पर आंच है । आपके वगैर आपके सरकार के मंत्रियों की कोई औकात नहीं है और वे अपने बूते कभी लोक-सभा का मुंह नहीं देख सकते । कांग्रेस पार्टी के अधिकांश लोग सिर्फ आपके परिवार के नाम पर ही कोई भी चुनाव जीतते हैं और आपसे अलग होने पर वे कुछ नहीं कर सकते । आप चाहें तो कांग्रेस पार्टी को आसमान की ऊंचाई तक पहुँचा सकते हैं और आपके पास मौका भी है और इच्छा शक्ति भी, लेकिन आपको सही रास्ता दिखाने, सत्ता का परित्याग करवाने तथा दूरदर्शी सोच देने वाला कोई सलाहकार नहीं है । ऐसी स्थिति में आपको फूँक-फूँक कर कदम उठाना होगा । किसी राजनेता के घर में पैदा होने से कोई लीडर नहीं बन जाता । लीडर बनने के लिए गुण, उच्च विचार, उम्दा विज़न एवं मूल्यवान सिद्धांत का होना बहुत जरूरी है । आपके सरकार के कुछ मंत्री भी आप पर भरोसा नहीं करते लेकिन आपके पूर्वजों के नाम पर मलाई खाने के लिए आपके हाँ में हाँ मिलाते हैं । यदि आप महात्मा गाँधी के थोड़े से भी गुणों एवं विचारों को अपना लें तो एक अच्छा लीडर बन सकते हैं और केजरीवाल एवं अन्ना जी सरीखे आज के महान पुरुषों के कतार में शामिल हो सकते हैं । आपके किसी भी निर्णय पर किसी भी काँग्रेसी कार्यकर्ता में हिम्मत नहीं कि उंगली उठा सके । बस जरूरत है सही कदम उठाने की, भले सरकार रहे या न रहे । सबसे पहले आपको यह निर्णय लेना है की आपको सरकार बनाने के लिए नहीं अपितु विपक्ष में बैठकर भ्रष्टाचार मिटाने एवं गरीबों के उत्थान के लिए चुनाव लड़ना है । यही मौका है की आप समाजसेवी, प्रतिभावान, ईमानदार एवं नए चेहरों को आम आदमी पार्टी की तरह देश से खोज-खोज कर लायें, उन्हें चुनाव लड़ायें तथा पहले भ्रष्टाचार मिटाने के इरादे से चुनाव में आयें । इसकी थोड़ी भी परवाह न करें कि सरकार बनेगी की नहीं । भ्रष्टाचार मिटते ही आपको १००% विकाश दिखने लगेगा । यदि आपने दो सिद्धांतों, पहला सत्ता से दूरी तथा दूसरा भ्रष्टाचार निवारण, से चिपके रहे तो देश की जनता तहे दिल से आपको प्रधानमंत्री पद पर बैठा देगी ।…to be continued…


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