मुलायम, लालू, पासवान, शरद (यादव) एवं कल्याण से एक अपील – An Appeal to Mulayam, Lalu, Paswan, Sharad ( Yadav) and Kalyan

प्रिय बड़े लोग, 

गहन अध्ययन एवं कुछ तथ्यों  के आधार पर मैं यहाँ अपना यह विचार रख रहा हूँ की आरक्षण क्यों जरूरी है? जब मैं गांव में रह रहा था, मैंने पाया कि गरीब, ज्यादातर दलित, दैनिक मजदूरी पर ही अपना  जीवन-यापन करते  थे | उनके पास जमीन का थोडा भी टुकड़ा स्वयं के नाम पर नहीं था और अपनी जिंदगी  का गुजर-बसर करने के लिए वे धनाढ्यों और जमींदारों के खेतों में काम करते थे |  कुछ लोग मजदूरी देते थे तो कुछ लोग बंधुआ मजदूरों  की तरह उन्हें खटाते थे | मेरा प्रश्न यह है की उनका भूमि पर अधिकार क्यों नहीं था और क्यों केवल विशेष जाति एवं अमीर लोगों को ही  इन संशाधनों पर स्वामित्व प्रदान था | दलित कई दशकों से सताए हुए लोग हैं और उनकी परिस्थितियों में अभी भी कोई ज्यादा अंतर या बदलाव नहीं आया है |  हम यह कल्पना कैसे कर सकते हैं की  वर्षों से पीड़ित एवं गरीब ये लोग प्रभावशाली एवं समृधि लोगों से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं? अगर हम उनके लिए भारत के संसाधनों पर कुछ आरक्षण प्रदान नहीं करते हैं तो भारत को समानता का और विकसित देश होने के लिए वर्षों लग सकते हैं | इसलिए हमें कुछ ऐसे तरीकों (उदहारण के तौर पर आरक्षण) के इजाद की आवश्यकता है जिससे की उन लोगों की मदद की जा सके जो भारत को एक साथ गंतव्य तक पहुँचाने  के लिए दौड़ में अमीरों की बराबरी नहीं कर सकते | तब ही हम जल्दी से भारत को एक विकशित देश में परवर्तित करने में कामयाब हो सकते हैं और इसके हर एक नागरिक को समृधि एवं खुशहाल बना सकते हैं |     

अब हम महिला आरक्षण बिल के बारे में बात करते हैं | मैं इस बात से १००% सहमत हूँ की महिलाओं के उत्त्थान के लिए आरक्षण होना जरूरी है, लेकिन उसमें से कुछ आरक्षण उनकी पृष्ठिभूमि एवं आर्थिक स्थिति के आधार पर भी होनी चाहिए | दलित और गरीब समुदाय की महिलाओं को निश्चित रूप से लोगों का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाना चाहिए | लेकिन क्या आपको सचमुच में लगता है जाति पर आधारित आरक्षण से हकदार महिलाओं को मदद मिलेगी और यह संभ्रान्तवादी  समूह की महिलाओं को सीट पर कब्ज़ा करने से रोक पाने में सफल होगी | भारत में आरक्षण की वर्तमान स्थिति यह है कि ज्यादातर उन   परिवारों को ही इसका लाभ बार बार मिल रहा है जो इससे (आरक्षण) लाभान्वित हो चुके हैं और इसलिए उन्ही की श्रेणियों में आने वाले असली  हक़दार,  जिन्हें आरक्षण  की सख्त जरूरत है, इस लाभ से  वंचित हो रहे हैं | इस प्रकार से उनके  अपने ही जाति के लोग उन्हें चोट पहुँचा रहे हैं और उनके तरह के अन्य दूसरों के हक़ को खा रहे हैं | हमारा उद्देश्य यह होना चाहिए की आरक्षण का लाभ इसके हर एक  हकदार तक पहुंचे और जिनको एक बार इसका लाभ मिल गया हो उन्हें इससे दूर रखा जाय  जिससे  की  हम इसे  उन लोगों तक पहुँचाने में सफल  हो  सकें  जिन्होंने इस आरक्षण रूपी फल का स्वाद न चखा हो | एक बार जिनको इसका लाभ मिल गया और उनके पास रोटी, कपड़ा व मकान हो गया, उनकी हमें मलाईदार परत के रूप में पहचान कर इस लाभ से वंचित कर देना चाहिए | इसके लिए हमें एक नयी आरक्षण पद्धति  विकशित करनी पड़ेगी जो की ‘अभाव’ पर आधारित हो | ‘अभाव’ पर आधारित आरक्षण पद्धति के विकाश पर अधिक जानकारी के लिए कृपया आप मेरी वेब साईट: vinay1340.wordpress.com पर जाकर  “On Reservation” पर क्लिक करें |  वहां आपको सारी जानकारी मिलेगी |  

यदि आप वास्तव में जाति आधारित कोटा  ही चाहते हैं तो इसकी क्या गारंटी है की कलावती  जैसी महिला ही, जिनके पास तन ढकने के लिए कपडे नहीं है, राजनिति में आएँगी, और आप सभी के धनाढ्य रिश्तेदार (बेटी, बेटा, दामाद, पत्नी इत्यादि) या पिछड़े या दलित वर्ग  के   मलाईदार परत वाले लोगों को इसके लाभ से  दूर रखा जा सकेगा | आप सभी को सच में लगता है की जाति आधारित आरक्षण कर देने मात्र से ही जाति विशेष के वास्तविक हकदार का भला हो सकेगा और उस जाति का धनाढ्य वर्ग  असली हकदार का हक़ नहीं खायेगा |  मैं ऐसी  राय  निश्चित  तौर पर नहीं रखता | चुनाव जीतना इतना महंगा हो गया है की आप जिन लोगों की लाभ के लिए ये सब बातें कर रहे हैं, उन्हें इसका लाभ कतई नहीं मिलेगा और इस जाति-वादी महिला आरक्षण बिल का ज्यादा फायदा भूत में दबे-कुचले परिवारों  के संभ्रांतवादी  महिलाओं को ही मिलेगा |  लेकिन आप लोगों के तर्कों  का यदि मैं सही माईने में  समझ रखता हूँ तो आप लोगों का इरादा यह है की कलावती जैसी महिला ही सदन में प्रवेश करें, न की आप जैसे लोगों के धनाढ्य रिश्तेदार | और अगर यह आप लोगों का तहे दिल से इरादा है तो मेरा आप लोगों को सुझाव है की कृपया जाति पर आधारित राजनिति का खात्मा करें और आरक्षण प्रदान करने के एक ऐसा तंत्र का विकाश करने पर जोर दें  जो की उत्पीड़न, अभाव एवं आर्थिक पिछड़ेपन पर आधारित हो | यदि आप लोग ऐसा करते हैं तो यह हम सभी के भलाई एवं देश की अखंडता के लिए एक अच्छी शुरुआत होगी और साथ ही यह हमारी अगली पीढ़ी के  महान  भविष्य  के लिए एक नया सबेरा लायेगा |

Dear Big People,

I can just give you an idea why reservation is needed based on some facts. When I was living in the village, I found that poor, mostly Dalits, were living on daily wages. They were not having piece of any land on there own name and they were working in rich/landlords’ field for their living. My question is why they didn’t have any right on lands and mostly rich people were having the ownership of such resources. They are oppressed people from many years and there is not any change in their status yet. Now imagine how these oppressed people can compete with influential and rich. If we don’t provide some reservation on resources of India for them, it might take many years for India to be country for equality and developed. Therefore there should be some way by which we can help people who can’t run to come as par with rich to reach the goal together. Then only we can quickly make our country a developed one, and everyone become prosperous.

Now let us talk about the women reservation bill. I 100% agree that there should be some reservation for women based on their background and economic status too. The women from downtrodden and poor community should certainly be given chance to represent the people. But do you really think that caste based reservation will help the women and it will prohibit the women from elitist groups to occupy the seats. The current status of reservations in India is that mostly the families who have been benefitted from this, are getting benefit again and again, and therefore the other people in same categories, who are in real need of reservation, are deprived from the benefit. Thus their own caste people are hurting them and taking away the rights of others. Our aim should be to make this reservation reach each and everyone who are entitled for this by keeping away the benefitted people form this, so we can help the people who are left and have not eaten the fruit of reservation. Once who got the benefit and have Roti, Kapada and Makan, we should identify them as creamy layer, and remove from the benefit list. This can be done only by having reservation mechanism based on the level of deprivation. For more details on this, please visit at https://vinay1340.wordpress.com/on-%e2%80%9creservations%e2%80%9d-%e2%80%93-by-dr-vinaya-k-singh-phd/

If you want to have quota based on caste, what is guarantee that woman like Kalawati will come into the politics and your rich relatives (wife, daughters, in-laws etc) or creamy layer people form backward/ SC/ST etc communities will not be entitled from this benefit. Do you really think that just by asking the reservations based on caste can help anything in the cause? I think, certainly not. The elections are so costly that those people for whom you are fighting will really not be benefitted but only the elitist groups of oppressed community will get benefit of cast based women reservation bill. And what I understand from your arguments is that your intension is not that, but you want the Kalawati like woman to enter into the parliament. If this is really your intension, please let us stop the politics of castiesm and come up with mechanism to provide reservation based on oppression, deprivation and economically backwardness. This will be a good start for all of us to help unite our country and a new beginning for great future for our next generations.

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