समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को एक खुली चिट्ठी – Open letter to Head of Samajwadi Party

 आपके द्वारा अंग्रेजी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की मुखालफत हमने विभिन्न समाचार पत्रों में पढ़ा | पढ़कर हमें  बहुत दुःख हुआ | हम जानते हैं की २००९ में होने वाले उत्तर प्रदेश के इस व्यापक  लोक-सभा चुनाव में आपको अच्छी-खासी सीटें मिलेंगी क्योंकि अभी उत्तर  प्रदेश की अधिकाँश  जनता इतनी शिक्षित  नहीं है की वह आपके पार्टी के पाषाण-युग की नीतियों के असर को समझ सके | ज्यादातर जनता जाति , धर्म, क्षेत्रवाद, गुंडई, पैसे एवं नेताओं की ओछी चालबाजियों एवं चालाकियों के उपर वोट डालती है | आज आप  जैसे लोगों की पार्टी के घोषणापत्रों  की वजह से ही  उत्तर प्रदेश और बिहार के नागरिकों  को  महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र, कर्नाटक आदि जैसे दक्षिण भारतीय प्रान्तों में वाजिब सम्मान नहीं मिल रहा है | मुलायम सिंह जी, हमें रोगी को मारने के बजाय समस्या/बीमारी की जड़ को मारकर रोगी का इलाज करना चाहिए | मुझे हमेशा लगता है कि अगर मैं उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूल से ही अंग्रेजी का अध्ययन किया   होता तो आज मैं निश्चित रूप से थोड़ा बेहतर स्थिति में होता,  और अब मैं इसलिए  सरकार के हर एक प्राथमिक  स्कूल में अंग्रेजी भाषा के रूप में एक अतिरिक्त विषय की पढाई के लिए वकालत करता हूँ | जरा यह  सोचकर  देखिये  की  हमारे  प्रदेश के जो लोग  भारत  के  अन्य  राज्यों में  रिक्शा चलाकर या कोईश्रमिक-कार्य कर अपना  जीवन  यापन करते हैं, वे यदि हमारे संस्कृति एवं परम्पराओं को जीवित रखते हुए अंग्रजी भी बोल, पढ़ और  लिख  सकते  तो  क्या  होता ?  जरूर वे   जिंदगी बनाने के औरअच्छा  अवसर पाने में सक्षम होते और हमें हर जगह अपने कर्मों से सम्मानित एवं गर्वान्वित महसूस कराते |

 

मुझे यह नहीं पता की आपकी पार्टी में थिंक-टैंक की कमी है की नहीं लेकिन मुझे इतना अवश्य लगता है  की आपकी पार्टी के लोगों में कम्पूटर या सूचना प्रौद्योगिकी की शक्ति  का समझ नहीं है |  आजकल प्रत्येक  विकाशसील  देश सूचना प्रौद्योगिकी  का इस्तेमाल सरकारी-तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने एवं जनता को सहूलियत देने के लिए कर रहें हैं | इसके अलावा कुछ चीजें  ऐसी भी हैं की सूचना प्रौद्योगिकी  के बिना उन्हें  कुशलता पूर्वक नहीं किया जा सकता | मैं आपको यह समझाना चाहूँगा की काम्पूटर या सूचना प्रौद्योगिकी,  किसी मानव का जगह नहीं ले रहा है बल्कि इसका उपयोग लोगों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने  एवं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए किया जा रहा है | मेरा आपको यह सुझाव है की आप अंग्रेजी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की मुखालफत करने के वजाय ऐसे नीतियों पर विचार करें जिससे की गाँव की सड़कों के साथ गाँव का विकाश हो और भारत एवं दूसरे देशों के निवेशकों को इन गावों में निवेश करने के लिए आकर्षित किया जा सके जिससे की ग्रामीणों में रोज़गार का अवसर पैदा किया जा सके | और यह सरकार में रहे बिना भी किया जा सकता है |  

 

उत्तर प्रदेश की तरक्की में सबसे बड़ी बाधा यहाँ व्याप्त भ्रष्टाचार है | जब तक भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों में डर पैदा नहीं होता तब तक उत्तर प्रदेश के जन साधारण का भला नहीं हो सकता | आज आपको तथा आपके पार्टी के कार्य-कर्ताओं को लोगों के पास  जाकर   यह बताना चाहिए की आप  उत्तर प्रदेश को एक विकशित राज्य कैसे  बनायेंगे  और इसमें बाधक भ्रष्टाचार की समस्या को कैसे दूर करेंगे? इसके लिए आपको चाहिए की ‘भ्रष्टाचार मिटाओ आन्दोलन’  में सहयोग करें और आप अपनी पार्टी के घोषणापत्र  में  ‘भ्रष्टाचार मिटाओ, उत्तर प्रदेश बचाओ’ जैसे नारे लगाएं, न की ‘मायावती हटाओ, उत्तर प्रदेश बचाओ’ | यदि आप मायावती सरकार को हटाने में कामयाब होते हैं तो फिर आप उसी तरह के भ्रष्ट मंत्रियों, जन-प्रतिनिधियों  एवं लोकसेवकों के माध्यम से सरकार बनायेंगे और इससे उत्तर प्रदेश की यथा-स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा | अंतर सिर्फ यह होगा की बोतल वही पुरानी रहेगी, उसमे शराब बस नया होगा | हमें कुछ ऐसा करने की जरूरत है की नेता, लोक-सेवक या कोई अन्य आम जन भी भ्रष्ट काम में लिप्त होने के पहले दस बार सोचे | यदि ऐसा हो सका तो सरकार किसी की भी बने, प्रदेश का विकाश होना ही होना है |   

अगर आप या उत्तर प्रदेश के  अन्य नेता गण उत्तर प्रदेश की जनता के लिए कुछ करना ही चाहते हैं तो मेरे द्वारा  उत्तर प्रदेश के विकाश के लिये तैयार किये हुए वेब-साईट: vinay1340.wordpress.com को देखने के साथ इसकी सामग्री को अपने-अपने घोषणापत्रों में शामिल कर सकते हैं |  आप से अनुरोध है कि आप अपनी पीछे ले जाने वाली नीतियों से उत्तर प्रदेश की जनता को दूसरे विकशित प्रदेशों के सामने नीचा न  करें और कृपया हमें पाषाण युग में न ले जाएँ |  हमारे प्रदेश की जनता अब शिक्षित हो रही है और आज के इस वैश्विक-ग्राम की संकल्पना  के मद्दे नजर उन्हें यह पता है की  आज की जरूरत हिंदी के साथ अंग्रेजी भी है और यदि आप उन्हें इसकी सहूलियत नहीं देंगे तो उन्हें पीछे खींचने वाले हर नीतियों का वे विरोध करेंगे तथा अपने बच्चों को अंग्रेजी पढ़ने के लिए अन्य राज्यों में भेजेंगे |  मैं उत्तर प्रदेश के मेरे साथी नागरिकों (सभी के साथ  मुख्यतया  समाज के  दबे-कुचले एवं दलितों) को  प्रोत्साहित करता हूँ की वे अपने बच्चों को हिंदी लिखने/पढ़ने के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा लेने  में उनकी मदद करें |  इससे हमारी नयी पीढ़ी को आत्म-निर्भर बनने में मदद मिलेगी और वे अपने अधिकारों को समझने के साथ एक भ्रष्ट मुक्त राज्य एवं सच्चे लोक-तंत्र की स्थापना के लिए एक योग्य उम्मीदवार को वोट कर सकेंगे |  

We know, you have a good chance of getting good number of seats in this general Lok-Sabha election of 2009 in UP, since most of the citizens of UP are not so educated to understand the implications of your policies. Most of them vote based on cast, religion, regionalism, money, rowdiesm and cheap tricks and gimmicks. Because of manifestos like yours, citizen of UP and Bihar are not getting due respect in south Indian states like Maharastra, Tamilnadu, Andhra, Karnataka etc. I always feel that if I would have studied English from primary school in UP, I would have been definitely on better position than now and therefore I advocate for an additional language as English in government’s primary schools. Just imagine, our people who pulls Rickshaw or do labor work in the other states of India and could have been able to read/write/speak English, keeping alive our culture and traditions, certainly they would have got good opportunities in life and made us more respectable everywhere.

 

I don’t know, if your party has shortage of think-tank in your part or not but I feel they don’t understand the power of computer or Information Technology (IT). IT is helping to control the corruption and there are certain things which can’t be done efficiently without IT. It is not replacing jobs with computers but it’s providing better opportunities and bringing transparencies in functioning of government. Instead, we need policy on developing roads and villages in UP to attract investors from within India and abroad to invest in villages to create jobs.

 

If you or other politicians really want to do something for the citizen of UP, please visit at vinay1340.wordpress.com and include the contents in your respective manifestos. Please don’t let us down with such manifestos and push us back. People are now getting educated and they know that English is need of hour and if you won’t allow, they will send their children to other states. I encourage my fellow citizens of UP (everyone and mostly Dalits and downtrodden in our society) to help their children complete at least graduation with English medium. This will help us to become self-reliant and we could understand our rights and cast our vote for deserving candidates.

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