सपथ पत्र दें, धन लें

July 8, 2016

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भ्रष्टाचार मिटाओ सेना से वित्तीय सहायता के लिए निम्न सपथ पत्र को दें

July 7, 2016

*** मैं सपथ लेता हूँ की निम्न 3-I का हमेशा पालन करूंगा :

1.Intelect यानी मनुष्य बनना – मैं सपथ लेता हूँ की धर्म और जाती के नाम पर लड़ाई झगड़ा नहीं करूंगा और धर्म को सिर्फ ईश्वर की प्रार्थना तक ही सीमित रखूंगा | मैं किसी जाती, मजहब, देश, भेष-भूषा, संस्कृति, रंग-भेद आदि के उपर भेदभाव नहीं करूंगा और उन सभी से नाता तोड़ लूंगा । मैं सिर्फ इतना याद रखूंगा कि मैं एक ‘मनुष्य’ हूँ और कुछ नहीं |
2. Ignore यानी ध्यान नहीं देना – मैं सपथ लेता हूँ की किसी भी तकलीफ दायक बात पर ‘ध्यान’ नहीं दूंगा और आचार सहिंता का पालन एवं साधारण तरीके से जीवन यापन करते हुए मनुष्य की सेवा करता रहूंगा |
3.Integrity यानी की ईमानदार बनना – मैं सपथ लेता हूँ की ईमानदारी का हाथ किसी भी परिस्थिति में कभी नहीं छोडूंगा।

*** मैं सपथ लेता हूँ की यदि विधायक बना और लालच में आकर सेना के साथ विश्वासघात करता पाया गया तो स्वेच्छा से पद का त्याग कर दूंगा और यदि ऐसा नहीं किया तो राज्यपाल या न्यायालय के माध्यम से सेना मुझे पदच्युत कर सकती है |

उत्तर प्रदेश को बचाने के लिए भ्रष्टाचार मिटाओ सेना का साथ दें

March 2, 2016

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सख्त जन लोक-पाल से ही उत्तर प्रदेश का कल्याण संभव है

January 24, 2016

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मोदीजी – मुलायमजी, डीएम, विधायक या सांसद को सजा कैसे दिलाएं?

January 24, 2016

बिल्थरारोड विकाश मंच, बलिया, उत्तर प्रदेश के सदस्य जब बिल्थरारोड नगर पालिका के घटिया कामों का शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष से किये तो वह बोल गया की अन्य अधिकारीयों के साथ डीएम को भी देना पड़ता है १०% कमीशन तब धन आता है, तो अच्छा काम कैसे कराएं बचे-खुचे धन में । यदि कोर्ट से भी जांच कराओगे तो कोर्ट डीएम को ही जांच कराने के लिए कहेगा और जब वो इसमे शामिल है तो तुम लोग हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकते । क्षेत्र का विधायक भी यही कहता है । सांसदों ने भी ठीका लेकर कुछ सड़कें बनवाई हैं, लेकिन वह सड़कें चूर-चूर हो गयी हैं और जांच कराने पर अधिकारी बलिया के अच्छे होटल में सांसद के साथ खाते हैं और बैरंग चले जाते हैं । यदि प्रदेश से प्रतिदिन होने वाले लूट को रोक दिया जाय तो प्रदेश के हर व्यक्ति को रुपये २०००/- प्रति माह या प्रदेश के हर गाँव को रूपये ३.५ करोड़ प्रति वर्ष उस लूट के रकम से दिया जा सकता है । अब हम क्या करें? जनता तो भुक्कड़ है, जिसका नमक खाती है उसका अँधा भक्त बन जाती है । राबड़ी देवी भी आपसे ज्यादा भीड़ जुटा लेती हैं और उनके भाषण पर भी जनता खूब तालियां पीटती है तो आप लोग तो उनसे ज्यादे सयाने हैं । एक स्टडी के मुताबिक पिछले ७० सालों में किसी भी पार्टी ने देश या प्रदेश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कोई साहसिक कदम नहीं उठाया और भारत भ्रष्ट देशों की श्रेणी में अग्रसर होता गया।उत्तर प्रदेश में आपकी कतई जरूरत नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ सख्त जन लोक-पाल की । आप देश का सिर्फ नमक ही खाते रहेंगें या देश को लूट से बचाकर नमक का हक़ भी कभी अदा करेगें ।https://www.facebook.com/belthararoadvikashmanch/

पूर्ण विवरण के लिए मेरी किताब, उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में कैसे बदलें, पढ़ें |

उत्तर प्रदेश को धूर्त-मक्कार केजरी की जरूरत है, न की ईमानदार मोदी-मनमोहन की

January 24, 2016

उत्तर प्रदेश में रुपये २०० करोड़ प्रतिदिन से एक साल में करीब ७० हज़ार करोड़ रुपये लूटा जाता है । अतः इस लूट से उत्तर प्रदेश के करीब २० हज़ार गावों के प्रत्येक गाँव को अनुमानतः ३.५ करोड़ अधिक धन राशि प्रतिवर्ष मिल सकती है। एक स्टडी के मुताबिक पिछले ७० सालों में किसी भी पार्टी ने देश या प्रदेश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कोई साहसिक कदम नहीं उठाया और भारत भ्रष्ट देशों की श्रेणी में अग्रसर होता गया। मोदीजी से उम्मीद करने वालों को मालूम नहीं की उन्होंने गुजरात में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया की गुजरात को भ्रष्टाचारमुक्त बना सकें। एक यू-ट्यूब पर न्यूज़ के मुताबिक केजरी और अन्नाजी एक वर्ष में ८०% भ्रष्टाचार दूर करने की तकनीकी (know how) बताने के लिए मोदीजी से मिलना चाहते हैं और देश के भविष्य के खातिर मोदीजी को अपना ईगो त्यागकर इनसे मिल लेना चाहिए | यदि मोदीजी ने मेरे निम्न तीन सुझावों में से एक पर भी अमल किया तो भी भ्रष्टाचार में अवश्य कमी आएगी और मैं भी एक भक्त से उनका अँधा-भक्त बन जाऊँगा –
(१) कमीशन या भ्रष्ट तरीके से कमाई सरकारी नौकरों के सम्पति में ही जुड़ती होगी, अत; इनकी सम्पति अनिवार्य रूप से प्रतिवर्ष सीबीआई से जांच कराकर जब्त कराएं । या
(२) विधि विशेषज्ञों के मुताबिक सख्त जन-लोक पाल से ८०% भ्रष्टाचार कम हो सकता है, अतः इसे कम से कम गुजरात सहित भाजपा शाषित प्रदेशों में लागू करें । या
(३) दिल्ली राज्य द्वारा पारित सख्त जन-लोक पाल को सुप्रीम कोर्ट के राय पर कानून बन जाने दें ।

Bhrashtachar Mitao Sena in News

October 22, 2015

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आरक्षण की जरूरत क्यों पड़ती है

May 24, 2015

जब तक पढाई का स्तर सबके लिए समान नहीं होता तबतक गरीब का बच्चा धनी के बच्चे से कम्पीट नहीं कर सकता । उदाहरण के लिए कुछ भारत में ऐसे कोचिंग सेंटर हैं जहाँ से आईएएस /आईपीएस की गॉरंटी है लेकिन फी पच्चीस लाख रुपये से ऊपर है । अब अगड़ी जाती के गरीब बच्चों को ही लीजिये । क्या अगड़ी जाती के प्रतिभावान बच्चे इन अगड़ी जाती के अमीर बच्चों से कम्पीट कर पायेंगें जिनसे ऐसे कोचिंग सेंटर भरे पड़े हैं ? हमें तो ऐसा लगता है की अगड़ी जाती के गरीब बच्चे कभी IAS/IPS नहीं बन पायेंगें | आज आलम यह है की किसी भी गर्वान्वित सरकारी पद के लिए धनाढ्यों में ही एक दूसरे se कम्पेटिसन है क्योंकि मोटी – मोटी रकम देकर अच्छी शिक्षा vahi पाते हैं और गर्वान्वित सरकारी पद को हथिया लेते हैं । क्या किसी भी गाँव के हाई स्कूल से पढ़े बच्चे अमीरजादों के पंद्रह हज़ार महीने वाले हाई स्कूल से पढ़े बच्चों से मुकाबला कर पायेंगें । यदि जल्द ही कुछ किया नहीं गया तो राज करने वाले हर पद पर अमीरों के खानदान के ही लोग होगें और देश की बागडोर इन्हीं अमीरों के हाथ होगी तथा गरीब छोटी-मोटी नौकरी के साथ गुलामों की तरह घिसता रहेगा । यदि गरीबों और अमीरों के बीच असमानता ऐसे ही बढ़ती गयी तो गरीब के बच्चे काले अंग्रेजों के खिलाफ बन्दुक उठा लेगें और अमीर लोग उन्हें आतंकवादी या नक्सलाईट बोलकर मारते रहेंगें । महाभारत का युद्ध इसका ek प्रमाण है की एक शक्तिशाली भाई ही एक गरीब भाई का हक़ मार रहा था tatha उनके लिए कांटे ही कांटे बिछा रखा था । अतः अगड़ी जाती के कोटे में प्रतिभावान अगड़ी जाती के कम अंक पाने वाले बच्चों को आरक्षण की जरूरत है । अब यदि इसके liye लड़ाई लड़ी जाय तो अगड़ी जाती के अमीरजादे बोलेगें की सरकार गरीब अगड़ों को २५ लाख वाले कोचिंग में भेजे ya ऑक्सफ़ोर्ड भेजकर बराबरी पर लाये लेकिन आरक्षण न दें । जब भ्रष्ट सरकार प्राइमरी स्कूलों की पब्लिक स्कूलों से बराबरी नहीं करा पायी है तो क्या करोड़ों गरीब अगडों को २५ लाख वाले कोचिंग में भेज सकती है ताकि बराबरी का कम्पेटिसन हो? आज ५३५ सांसदों में ४७५ से ज्यादा महा करोड़पति (५० करोड़ से ऊपर की सम्पति) हैं । क्या इनसे कोई गरीब समाज सेवक चुनाव में बराबरी कर सकेगा? अतः चुनाव आयोग जो करोड़पति नहीं है उन्हें करोड़ रुपये चुनाव प्रसार के लिए दे या कुछ सीट गरीब अगड़ों के लिए आरक्षित कर दे । हमारे लोग इसके लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और मैं जब भी भारत आता हूँ तो इसकी अगुआई करता हूँ । अभी हमारे लोग पूर्वांचल के जिलों में जगरूकत फैला रहें हैं और हर गाँव में हैंडबिल बाँट रहे हैं की गाँव का प्रधान कैसा हो । एक लीडर का काम होता है की अपनी विजन के अनुसार लोगों को चलना सिखाये और ऐसे लीडर पैदा करे जो इसमे अहम भूमिका निभाए । एक लीडर सभी जगह नहीं रह सकता और उसका अनुआई hi सफलता का कुंजी होता है|

अरबिंद केजरीवाल को भ्रष्टाचार मिटाओ सेना की खुली चिठ्ठी

April 10, 2015

अरबिंद भाई, भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही सभी संस्थाएं आप एवं अन्नाजी की अगुआई में इसलिए समर्थन दी कि आप कभी भी तय किये गए सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगें । हमारा उद्देश्य था कि अन्य पार्टियों की तरह हम सत्ता के पीछे नहीं भागेंगे और विपक्ष में बैठकर सरकारी नौकरों से व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दे जैसे सख्त जन लोक पाल लागू कराना, VVIP/VIP कल्चर खत्म कराना, स्वराज लाना, प्रतिवर्ष सभी नेताओं एवं अधिकारियों एवं उनके रिश्तेदारों के खातों को ऑडिट कराकर आय से ज्यादे सम्पत्ति रखने वाले को जेल भेजना, हर गाँव में ग्रामीण सेवा केंद्र खोल ग्रामीणों का काम बिना भाग-दौड़ के एक समय सीमा में कराना तथा किसी भी तरह के न्यायिक मामले का छह माह या एक साल में निपटारा आदि की लड़ाई लड़ते रहेंगें । हमारा मानना था कि एक बार व्यवस्था परिवर्तन हो गया तो हम अपनी दूकान बंद कर किसी भी सडी-गली पार्टी को राज करने देंगें क्योंकि एक बार व्यवस्था परिवर्तन के बाद कोई भी भ्रष्टाचार कर नहीं पायेगा । आप लोक सभा चुनाव हारने के बाद हताशा में कांग्रेस पार्टी से मिलकर दिल्ली में सरकार बनाना चाहते थे कि, अब आपको व्यवस्था परिवर्तन का मौका न मिले । ऐसी दुविधा में आपको अपने सिद्धांतों को ध्यान रख निर्णय लेना चाहिए, तब सब आसान हो जाता । याद रहे कि अन्नाजी के आंदोलन एवं आपके कार्यकर्ताओं द्वारा जन-जन तक पहुँच आपको दिल्ली में जीत दिलाई | लोक सभा चुनाव के बाद आपको सोचना चाहिए था कि जब ३५ साल से ज्यादा पुरानी पार्टियां भारत के जन जन तक नहीं पहुँच पाई हैं तो आप की दो साल पुरानी पार्टी क्या खाक कर लेगी? मेरा अनुभव कहता है कि उत्तर प्रदेश में लोग जाति, मजहब, भ्रष्टाचार आदि में इतने जकड़े हुए हैं की आपकी पार्टी को १० साल से ऊपर लग जायेंगें यहाँ खाता खोलने में । अतः दिल्ली जीत के बाद क्या होता यदि आप प्रशांत भूषण को दिल्ली का मुख्य मंत्री एवं योगेन्द्र यादव को अपने पार्टी का संयोयक बना देते? क्या आपके सिद्धांत में बंधे ये लोग वो नहीं कर पाते जो आप चाहते हैं? यदि आपने देश के खातिर त्याग दिखाया होता तो हम भारत में पनपे राजनीतिक शून्य को भर सकते थे । मोदी जी के विकाश में एक पैसे का विकाश और ९९ पैसे का लूट हो रहा है | हमें लगता है कि मोदीजी को गरीबी दूर करने के लिए १०० साल से ज्यादा लगेंगें । एक विश्लेषण के मुताबिक शिक्षा खर्च एवं बढ़ती हुयी महंगाई दर को देखते हुए गरीबी रेखा की सीमा रुपये पंद्रह हज़ार प्रति माह होना चाहिए लेकिन गरीबों की संख्या कम दिखाने के लिए मोदीजी की गुजरात सरकार ने १२ रुपये रोज़ और कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने ३० रुपये रोज़ कमाने वाले को धनाढ्य करार दिया । पिछले कुछ दिनों के हलचल से मुझे लगता है कि आप दिल्ली से ही संतुष्ट हैं । आपको अपने सिद्धांतों से चिपके हुए लड़ाई लड़नी थी, भले ही यह कितनी ही लम्बी क्यों न हो । यदि आपने बिना किसी देरी और बिना किसी बहाना के दिल्ली में सख्त जन लोक पाल नहीं लाया तो आपकी बची-खुची साख भी खत्म हो जाएगी और हमें भाजपा और कांग्रेस से ही ता-उम्र काम चलाना पड़ेगा ।

पूर्ण विवरण के लिए मेरी किताब, उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में कैसे बदलें, पढ़ें |

भ्रष्टाचार मिटाओ सेना की पेनग्रोव में बैठक

January 2, 2015

भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के बोर्ड ऑफ़ डाईरेक्टर की बैठक पेनग्रोव, कैलीफोर्निया में जनवरी २, २०१५ को डॉ विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुयी जिसमें २०१४ में किये गए कार्यों की समीक्षा की गयी एवं २०१५ में किये जाने वाले कार्यों का खाका तैयार किया गया । भ्रष्टाचार मिटाओ सेना के सदस्यों द्वारा २०१४ में किये गए भ्रष्टाचार निवारण कार्यों की सराहना की गयी एवं  २०१५  के लिए बजट प्रस्ताव पारित किया गया । २०१५ के लिए पूर्वांचल के हर जिले में प्रति माह भ्रष्टाचार के कम से कम २ मामले कोर्ट में दायर करने के लिए बजट का प्रावधान रखा गया । बैठक में निर्णय लिया गया की कोई भी व्यक्ति जैसे  समाज सेवक, ग्राम प्रधान, विधायक, सांसद, मंत्री, जिला अधिकारी, पुलिस कप्तान या अन्य अधिकारी   अपने क्षेत्र से भ्रष्टाचार का संपूर्ण नाश कर दे, जैसे पासपोर्ट के  लिए पुलिस का उगाही बंद, लोगों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं जैसे आवास, वृद्धा पेंसन, बेराजगारी भत्ता, दवा, वजीफा आदि लाभ बिना पैसे खिलाये मिल जाय, मिड-डे  मील में धांधली बंद हो जाय, सरकारी गल्ला के दुकानों पर हेरा-फेरी बंद हो जाय, विकाश कार्य आदि में लूट-पॉट बंद  हो जाय इत्यादि,  तो उसे  भ्रष्टाचार मिटाओ सेना  के तरफ से एक लाख रुपये के साथ प्रसस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा ।

इसके साथ ही बलिया जिले में उद्यम लगाने के लिए बनाई गयी टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की गयी । रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकला की जब तक बलिया में कम से कम १६ घंटे लगातार बिजली नहीं मिलती, सडकों की बदहाली नहीं मिटटी एवं भ्रष्टाचार में कमी नहीं होती तब तक कोई भी भारी उद्यम वहां नुकसान में रहेगी । अतः इस आधार पर अमेरिकी उद्यमियों ने इस साल इन्वेस्ट करने से मना कर दिया लेकिन यह निर्णय लिया गया की दशा में सुधार होते ही उद्यम लगाने के बारे में सोचा जाएगा । सामाजिक कार्य जैसे दवा एवं कम्बल वितरण,  असहाय बुजुर्गों एवं मेधावी लड़कियों को आर्थिक मदद आदि के कार्यक्रम बदस्तूर जारी रहेगा ।


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